तेंदुए को ट्रेंकुलाइज कर ले जाया गया।
- फोटो : amar ujala
रविवार की सुबह जोगिनिया ग्राम पंचायत के मजरा मौजीपुरवा में पहुंचे एक तेंदुए ने ताबड़तोड़ हमला कर तीन ग्रामीणों को घायल कर दिया। सुबह करीब पांच बजे हुए इस हमले से गांव दहल उठा। चीख-पुकार और भगदड़ के बीच लोग जान बचाने के लिए घरों में दुबक गए। ग्रामीणों के शोर से घबराया तेंदुआ भागकर एक खाली मकान में जा घुसा, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। वन विभाग ने गांव को सुरक्षा घेरे में लेकर करीब तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तेंदुए को ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित पकड़ लिया।
चकिया वन रेंज से सटे मौजीपुरवा गांव के कुछ लोग भोर में घरों में सो रहे थे। वहीं, कुछ लोग बिस्तर छोड़कर दिनचर्या के कार्यों में व्यस्त थे तभी पांच बजे के आसपास पहुंचे तेंदुए ने नसीम (50), जुबेर (30) और फजलुर्रहमान (55) पर हमला कर उन्हें नोंचकर घायल कर दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ पास के एक मकान में घुसकर छिप गया। संयोगवश जिस मकान में तेंदुआ घुसा उस समय घर में कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभागीय वनाधिकारी सुंदरेशा स्वयं मौके पर पहुंचे। उनके निर्देशन में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के पशु चिकित्सक डॉ. दीपक कुमार की टीम ने ट्रैंकुलाइजेशन ऑपरेशन सुबह 10 बजे के आसपास शुरू किया। लंबी मशक्कत के बाद तेंदुए को ट्रैकुलाइज कर सुरक्षित जाल में कैद कर लिया गया।
डीएफओ ने बताया कि पकड़ा गया वन्यजीव करीब डेढ़ वर्ष का मादा तेंदुआ है। चिकित्सकीय परीक्षण में स्वस्थ मिलने के बाद उसे बहराइच वन प्रभाग के घने जंगल में फिर छोड़ दिया गया।