बहराइच। भारत सरकार की ओर से कराए गए स्वच्छता सर्वेक्षण में बहराइच शहर ने बीते साल की अपेक्षा 171 अंक की और चढ़ाई पूरी की है। कम संसाधनों के बीच तेजी से सफाई की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इस बार 189वां स्थान हासिल किया है। नगर पालिका परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों में बेहतर परिणाम आने से उत्साह भी बढ़ा है।
बहराइच शहर की आबादी करीब तीन लाख है। शहर क्षेत्र में नगर पालिका परिषद की ओर से स्वच्छता अभियान चलाया जाता है। नगर क्षेत्र के 31 वार्डों में सफाई के लिए सृजित 600 पदों के सापेक्ष महज 415 सफाई कर्मचारियों की तैनाती है। बड़ी आबादी होने के बाद भी सफाई के लिए हर दिशा में कदम उठाना नगर पालिका प्रशासन के लिए चुनौती होती है। भारत सरकार की ओर से पिछले साल कराए गए सर्वेक्षण में बहराइच शहर को 360 रैकिंग मिली थी। इस बार फिर से सर्वेक्षण शुरू कराया गया।
कोरोना महामारी के पहले कराए गए सर्वे में बहराइच शहर को इस बार 189वां स्थान हासिल हुआ है। नगर पालिका अध्यक्ष रुबीना रेहान ने बताया कि कर्मचारियों और अधिकारियों के सहयोग से बेहतर परिणाम आए हैं। पिछली बार से 171 रैंक ऊपर आई है। आगे और भी प्रयास करते हुए बहराइच को निर्मल और स्वच्छ जिले के रूप में पूरे देश में अलग पहचान दिलाई जाएगी।
कर्मियों की कड़ी मशक्कत का परिणाम
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि बहराइच शहरी क्षेत्र में कूड़ा उठान से लेकर नाला और नालियों की सफाई का अभियान चलाया गया। कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत की, जिससे बेहतर परिणाम सामने आए हैं। चेयरमैन प्रतिनिधि हाजी रेहान आढ़ती ने बताया कि सभी मोहल्लों में नियमित सफाई के साथ लोगों के बीच जागरूकता को एक अभियान बनाकर चलाया गया।
इंसेट
यह हैं संसाधन
जेसीबी-2
लोडर- 1
ट्रक- 3
छोटे-बड़े वाहन- 18
टैंकर- 5