अंतिम संस्कार के समय मौजूद परिजन।
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सोमवार सुबह बलरामपुर स्थित किराये के मकान में उनकी मौत की खबर सामने आई तो परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पैतृक गांव पहुंची तो हर कोई स्तब्ध रह गया। मंगलवार को अर्चना का पार्थिव शरीर करमुल्लापुर पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों और परिचितों की भीड़ उमड़ पड़ी।
अंतिम संस्कार की रस्म शुरू हुई तो श्रीयांशी मां के पार्थिव शरीर के पास खड़ी रही। चिता को मुखाग्नि देने के बाद जैसे ही उसे मां के हमेशा के लिए चले जाने का अहसास हुआ, उसकी आंखों से आंसू बह निकले। वह बिलखकर रोने लगी। आसपास मौजूद लोगों ने उसे संभालने की कोशिश की, लेकिन मां को खोने का दर्द उसकी आंखों से लगातार छलकता रहा। सांत्वना देने वाले लोगों की आंखे भी नम हो गईं।