इस बार बरसात न होने से धान न के बराबर हुई। अगर एक छमाही यही हालात रहे, तो आगे चलकर यहां के नवयुवकों को महानगरों का रुख करना पड़ेगा। इसके बाद भी सरकार ने अब तक बहराइच को सूखाग्रस्त जिला नहीं घोषित किया है। उन्होंने फसलों की जांच कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।
अवध प्रांत के संगठन मंत्री कुंवर सिंह ने कहा कि रबी में गेहूं की फसल के बाद अब खरीफ में धान की फसल बर्बाद हो गई है। इस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
प्रदर्शन के बाद बीडीओ के प्रतिनिधि सहायक विकास अधिकारी अरुण वर्मा को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान विजय बहादुर सिंह, मुकेश वर्मा, देवानंद, पेशकार यादव, प्रमोद कुमार, विशाल सिंह, लवकुश, अनूप निगम, विनय उपाध्याय, सीताराम पांडेय आदि मौजूद रहे।