बहराइच। 14.493 हेक्टेयर में प्रस्तावित नये जिला न्यायालय भवन की जमीन को लेकर बखेड़ा खड़ा हो गया है। प्रशासन और बिल्डरों के बीच इस जमीन को न्यायालय को देने की लिखा-पढ़ी की गई। पत्रावली चल ही रही थी कि बिल्डरों ने जमीन पर प्लाटिंग शुरू कर दी। निर्माण भी शुरू हो गया। महसी के तहसीलदार ने जब यह वाकया जिलाधिकारी को बताया तो उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही जेई को निलंबित करने की संस्तुति कर निर्माण कार्य रुकवा दिया। मामले की जांच शुरू करा दी गई है। दोषी पाए जाने पर बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दे दिए हैं। बता दें कि उक्त स्थान पर करीब आधा दर्जन बिल्डरों की संयुक्त रूप से 35 हेक्टेयर जमीन है। इसमें से 14.493 हेक्टेयर जमीन न्यायालय को देने की सहमति बन चुकी है। जांच इस बात की हो रही है कि न्यायालय को दी जाने वाली कितनी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू हुआ है।
लखनऊ-बहराइच रोड पर सहारा मैदान के पास जनपद न्यायालय भवन का निर्माण होना है। प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, अनुभव इंफ्राकेयर, अनुभव ग्रीनलैंड, बुद्धा इंटरप्राइजेज, अवध आशियाना इंफ्रा डेवलेपमेंट व ध्रुव रियल इंफ्रा प्रा. लि. सहित कई अन्य संस्थाएं संयुक्त रूप से इस जमीन को आवासीय योजनाओं के लिए विकसित कर रही थीं। पूरा क्षेत्रफल 35 हेक्टेयर बताया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, इस 35 हेक्टेयर में से 14.493 हेक्टेयर जमीन न्यायालय को देने के लिए सहमति बन चुकी है। प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो चुकी है।
शासन के निर्देशों का इंतजार हो रहा था। ऐसी स्थिति में यहां निर्माण शुरू कर देना अपराध की श्रेणी में आता है। फिलहाल महसी के तहसीलदार विपुल सिंह ने जब डीएम डॉ. दिनेश चंद्र को प्रकरण की सूचना दी तो उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए जेई को निलंबित करने की संस्तुति कर दी। अब यह पता लगाया जाना है कि जिस जमीन को अधिग्रहीत करना है क्या उसी जमीन पर निर्माण कार्य शुरू हुआ है अथवा सिर्फ प्लाटिंग हुई है। यह भी प्रश्न है कि अगर वहां निर्माण कार्य शुरू हुआ है तो नक्शा क्यों नहीं पास कराया गया। हालांकि, जब साइट का निरीक्षण किया गया तो वहां लगी हुई एक होल्डिंग में पाया गया कि यह जमीन रेरा से अनुमोदित है। क्या वास्तव में रेरा से जमीन का नक्शा पास हुआ है इसकी भी जांच कराई जाएगी।
प्रकरण की सूचना मिली थी। संबंधित जमीन पर न्यायालय भवन बनना है। सभी पक्षों से सहमति बनने के बाद पत्रावली शासन में पहुंच गई है। अब ऐसी स्थिति में अगर संबंधित जमीन पर निर्माण हो रहा है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही को लेकर जेई को निलंबित कर रहे हैं। काम रुकवाकर जांच शुरू करा दी है। दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई करेंगे। - डॉ. दिनेश चंद्र, जिलाधिकारी, बहराइच