बहराइच। नगर के किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय को शीघ्र ही स्वायत्तशासी महाविद्यालय का दर्जा मिल सकता है। यह कवायद तीन वर्ष पूर्व महाविद्यालय को नैक की ओर से ए ग्रेड प्रदान करने के साथ ही शुरू की गई थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण प्रक्रिया अधर में लटक गई थी। अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की छह सदस्यीय टीम ने महाविद्यालय का निरीक्षण कर सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कर ली है। इससे केडीसी को शीघ्र ही स्वायत्तशासी महाविद्यालय का दर्जा प्रदान किया जा सकता है। ऐसे में यह सिर्फ जनपद ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वांचल के लिए गौरव का विषय होगा।
किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्थापना वर्ष 1960 में की गई थी। वर्तमान समय में यहां लगभग 12 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं विभिन्न विषयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। वर्ष 2017 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने महाविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं व पठन-पाठन की स्थिति का आंकलन करते हुए ए ग्रेड प्रदान किया था। इसके बाद कॉलेज प्रबंध समिति ने महाविद्यालय को स्वायत्तशासी का दर्जा प्रदान करने के लिए कवायद शुरू कर दी थी।
इसके लिए सभी पात्रता शर्तें पूरी करते हुए यूजीसी को रिपोर्ट भेजी गई थी जिस पर यूजीसी की ओर से जांच टीम गठित कर महाविद्यालय का निरीक्षण करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण सभी गतिविधियां ठप हो गईं थीं। अब यूजीसी की ओर से गठित छह सदस्यीय टीम ने महाविद्यालय का निरीक्षण करते हुए रिपोर्ट तैयार कर ली है जिससे शीघ्र ही इसे स्वायत्तशासी महाविद्यालय का दर्जा प्रदान किया जा सकता है। यह दर्जा मिलने से यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के साथ ही प्रवक्ताओं को भी विशेष सुविधाएं मिल सकेंगी। केडीसी को स्वायत्तशासी महाविद्यालय का दर्जा प्रदान करने की संभावना से जनपदवासियों में काफी हर्ष है।
किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय को स्वायत्तशासी महाविद्यालय का दर्जा प्रदान किए जाने से महाविद्यालय अपने स्तर से परीक्षाओं का आयोजन करने के साथ ही प्रश्न पत्र भी तैयार करा सकेगा। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी महाविद्यालय में ही होगा। यूजी व पीजी स्तर पर डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स का संचालन भी किया जा सकेगा। यूजीसी से सीधे फंड के रूप में मदद भी मिलेगी। महाविद्यालय की सरकार पर निर्भरता कम होगी।
किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्वायत्तशासी बनने की दिशा में अग्रसर है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की छह सदस्यीय टीम ने निरीक्षण कर सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कर ली है। महाविद्यालय इस समय स्वायत्तशासी बनने की सभी पात्रता पूर्ण करता है। ऐसे में केडीसी को स्वायत्तशासी का दर्जा मिलना पूरे पूर्वांचल के लिए गौरव की बात होगी।
- मेजर डॉ. एसपी सिंह, सचिव, प्रबंध समिति