पयागपुर (बहराइच)। पयागपुर स्थित प्रदेश के सबसे बड़े वेटलैंड के विकास की संभावनाएं तलाशने के लिए मंगलवार को डीसी मनरेगा के साथ कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान मनरेगा के अंतर्गत वेटलैंड को साफ कराने पर भी चर्चा की गई। फिलहाल डीसी मनरेगा ने पयागपुर खंड विकास अधिकारी को प्रस्ताव बनाने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि इस वेटलैंड की सफाई चरणबद्ध तरीके से कराई जाएगी। प्रथम चरण में वेटलैंड के चारों तरफ पांच सौ मीटर तक सफाई की जाएगी। इसी लाइन पर प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।
मंगलवार को डीसी मनरेगा केडी गोस्वामी के साथ पयागपुर खंड विकास अधिकारी सौरभ कुमार पांडेय, एपीओ विक्रांत सिंह सहित कई मुलाजिम मौके पर पहुंचे। इस दौरान वेटलैंड का निरीक्षण किया गया और फॉरेस्ट विभाग के अफसरों से भी बातचीत की गई। तालाब बघेल के ग्राम प्रधान ओमप्रकाश और राजापुर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह से भी इस संबंध में बातचीत की गई। डीसी मनरेगा ने बीडीओ को निर्देशित किया कि जल्द ही वेटलैंड के चारों तरफ बसे गांवों के प्रधानों की बैठक बुलाकर बातचीत की जाए और एक प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए।
राजापुर ग्राम सभा स्थित प्राइमरी स्कूल के प्रांगण में व्यायामशाला बनाने के लिए निरीक्षण किया गया। इसके अलावा टेढ़ी नदी की सुंदरता बढ़ाने और अपने पूर्व के आकार में पुनर्जीवित करने के लिए भी रूपरेखा खींची गई। मनरेगा के मद से नदी साफ कराने और किनारे-किनारे बंधा बनाने की भी चर्चा हुई। डीसी मनरेगा ने बीडीओ को इस संबंध में भी प्रस्ताव बनाने का निर्देश दिया है। बीडीओ सौरभ कुमार पांडेय ने बताया कि एक हफ्ते के अंदर प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिया जाएगा। मानसून से पहले कार्य पूर्ण कराने का प्रयास भी किया जाएगा।
पयागपुर स्थित वेटलैंड बड़े आयत का है। इसके विकास के लिए अधिकारियों के साथ बैठक भी की जाएगी। प्रस्ताव बनाने का भी निर्देश दिया गया है। इसको बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। -केडी गोस्वामी, डीसी मनरेगा, बहराइच