कतर्नियाघाट (बहराइच)। हाथियों के झुंड से बिछड़ेे एक टस्कर हाथी ने बिछिया बैरियर पर कार्यरत वन विभाग के दैनिक श्रमिक के पुत्र को रौंद दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने हांका लगाकर हाथी को भगाया। इसके बाद घायल युवक को इलाज के लिए सीएचसी मोतीपुर में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
बिछिया बैरियर पर कार्यरत दैनिक श्रमिक असगर अली ने बताया कि वह कतर्नियाघाट में गेरुआ नदी के उस पार बसी एक छोटी सी आबादी में रहते हैं जहां उनका 30 वर्षीय बेटा रिजवान अली साइकिल मरम्मत की छोटी सी दुकान चलाकर जीवनयापन करता है। मंगलवार की रात लगभग आठ बजे वह अपने घर से कुछ दूरी पर शौच के लिए जा रहा था तभी हाथियों के झुंड से बिछड़े एक टस्कर हाथी ने उस पर हमला कर दिया। हमले में उनका पुत्र घायल हो गया। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोगों ने हांका लगाकर हाथी को भगाया।
इसके बाद वन क्षेत्राधिकारी रामकुमार ने वन कर्मियों की टीम मौके पर भेजकर घायल को इलाज के लिए सीएचसी मोतीपुर में भर्ती कराया जहां युवक की हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सकों ने उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बधावन ने बताया कि हाथी के हमले में घायल युवक के इलाज में विभाग हर संभव मदद प्रदान कर रहा है। वहीं, ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए वन विभाग व हाथियों के संरक्षण पर कार्य कर रही संस्था गजमित्र टीम को भी तैनात किया गया है। टीम का नेतृत्व अभिषेक कर रहे हैं।