बहराइच। थाना मटेरा निवासी सामूहिक दुष्कर्म व मारपीट के मामले में निरुद्ध दो अभियुक्तों की बुधवार को जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। मामले में चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश ने जमानत याचिका पर बहस के दौरान अभियुक्तगणों की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया।
एडीजीसी क्रिमिनल सुनील जायसवाल ने बताया कि थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने अपनी बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इसमें गांव निवासी मंगल, मुनीजर, कोइली, पवन, कुसुमादेवी व मालिन के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पीड़िता की मां ने थाने में तहरीर देकर कहा था कि उसकी बेटी 29 जुलाई, 2020 की देर शाम शौच के लिए गई थी। वापस लौटते समय मंगल ने चाकू के बल पर गांव के एक अहाते में बेटी को ले जाकर साथी मुनीजर के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया था।
घटना के बाद दुष्कर्म पीड़िता की मां ने आरोपियों के घर में जाकर शिकायत की थी। इस पर गुस्साए आरोपियों के परिजनों ने घर पहुंचकर उन पर हमला करते हुए मारपीट की घटना को अंजाम दिया था। पीड़िता की मां ने थाने में सभी आरोपियों के खिलाफ नामजद तहरीर देते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। एडीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि बुधवार को चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट मनोज कुमार मिश्रा द्वितीय के न्यायालय में मंगल व मुनीजर के अधिवक्ता की ओर से जमानत याचिका पेश की गई थी। न्यायाधीश ने सुनवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों की याचिका खारिज कर दी।