बहराइच। शहर में बिना नक्शा पास कराए मकान या कॉमर्शियल भवन बना रहे कारोबारियों पर जिला प्रशासन ने चाबुक चलाया है। बिना नक्शे पास कराए व बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में बने मकानों को धराशाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में बिना मानचित्र स्वीकृत कराए बने 50 मकानों को धराशाई करने के आदेश दिए गए हैं जबकि 70 कारोबारियों को बिना नक्शे के निर्माण कराने पर नोटिस दिया गया है। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
शहर के बाहरी छोर पर जमीनों की धड़ल्ले से प्लाटिंग हो रही है। कई ऐसी जगहें हैं जहां मकान का निर्माण कार्य कराया ही नहीं जा सकता है, लेकिन नियमों के विपरीत जाकर निर्माण कराकर मकान खड़ा कर दिया गया है। शहर में बिना नक्शे के ही बिल्डर जमीन बेचने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट ज्योति राय ने टीम बनाकर जांच कराई। जांच टीम ने 70 ऐसे स्थानों को चिह्नित किया जहां प्लाटिंग का कार्य तो हो रहा है, लेकिन निर्माण कार्य से पहले नक्शा नहीं बनवाया गया है।
ऐसे लोगों को सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से नोटिस भेजी गई है। वहीं, सिटी मजिस्ट्रेट के न्यायालय से 50 मकानों को धराशाई करने का आदेश जारी हुआ है। ये ऐसे मकान हैं जो बिना नक्शा पास कराए व बाढ़ ग्रस्त इलाकों में बनवाए गए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट की इस कार्रवाई से बिल्डरों व मकान मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है। आदेश के पालन में अवरोध उत्पन्न करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी।
शहर के बाहरी छोर पर स्थित मरीमाता मंदिर के आसपास, सिसई हैदर के आसपास, शेखदहीर गांव के आसपास व गोंडा रोड पर।
50 मकानों को ढहाने के निर्देश दिए गए हैं। 70 से अधिक ऐसे लोगों को नोटिस भी दी गई है जो बिना नक्शे के निर्माण कार्य शुरू करवा चुके हैं। बिना अनुमति निर्माण कार्य करवाने पर 10 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा और रोकने के बाद भी अगर कार्य जारी रहा तो 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा।
ज्योति राय, नगर मजिस्ट्रेट