बहराइच। केंद्र सरकार ने लघु एवं सीमांत किसानों की राह आसान करने कि लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। योजना का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में किसानों ने आवेदन भी कर दिए। उनके खाते में योजना की रकम भी सरकार ने कई किस्तों में भेज दी। अब जब सरकार ने किसानों की पात्रता का सत्यापन कराया तो 6814 किसान अपात्र पाए गए। इनमें 2049 आयकर दाता व 634 मृतकों के नाम भी शामिल हैं।
वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का शुभारंभ किया था। इस योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को पात्रता सूची में शामिल किया गया था। इन किसानों के खाते में दो हजार रुपये तिमाही भेजे जा रहे थे। सरकार ने पिछले दिनों जब सम्मान निधि का लाभ पा रहे किसानों की पात्रता की जांच कराने के लिए उनके खाते को आधार व आयकर विभाग से लिंक कराया तो योजना में अपात्रों की कलई खुल गई। जिले में कुल 490702 किसान योजना का लाभ पा रहे थे। पात्रता की जांच में 6814 किसान अपात्रों की श्रेणी में आ गए। चौंकाने वाली बात तो यह है कि अपात्रों में 2049 किसान आयकर दाता होते हुए भी सरकार को हर वर्ष लाखों रुपये की चपत लगा रहे थे। इतना ही नहीं 634 मृतकों के खाते में भी योजना की रकम जा रही थी। इसके अलावा 2390 किसानों के गलत खाते में रकम भेजी जा रही थी। संवाद
पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे अपात्रों से योजना के तहत खाते में पहुंची रकम की वसूली के लिए नोटिस जारी की गई है। इनमें लगभग साढ़े सात लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। मृतकों के खाते में पहुंची रकम की वसूली के लिए जिनके खाते में रुपये जमा हैं उनके खाते से बैंकों के माध्यम से धन वापस लिया जा रहा है।
‘सरकार के निर्देश पर पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे किसानों की पात्रता की जांच कराई गई है। जांच में 6814 किसान अपात्र पाए गए हैं। इनसे वसूली की कार्रवाई चल रही है। जिन मृतकों के खाते में रुपये जमा हैं उनके खाते से रकम वापस कराने के लिए बैंकों से पत्राचार किया गया है। नए पात्र किसानों को योजना में शामिल भी किया जा रहा है।’
टीपी शाही, उप निदेशक, कृषि