09 बीएचआर 18 - बहराइच में गुरुवार को कजरीतीज पर सिद्धनाथ मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु।
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बहराइच। पर्व भाद्र शुक्ल तृतीया के दिन कजरी तीज का निर्जला व्रत रख सुहागिन महिलाओं ने अखंड सौभाग्य का वरदान मांगा। भगवान शिव को जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। भोर से ही घाटों पर स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा रहा। कोरोना काल के कारण घरों में भक्ति का माहौल बना रहा। मंदिरों में भी जलाभिषेक के लिए सुबह से ही कतारें लगी रहीं।
कजरी तीज महादेव की पूजा कर मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन शिव-पार्वती का व्रत और पूजा करने से परिवार में सुख, शांति और कल्याण की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन सतयुग में व्रत करने से पार्वती को महादेव स्वामी मिले थे और इस दिन व्रत करने से उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कजरी तीज पर्व पर शहर के पांडवकालीन सिद्धनाथ मंदिर में सुबह से ही जलाभिषेक करने के लिए महिलाओं का सैलाब उमड़ा रहा।
नवाबगंज के मंगली नाथ शिव मंदिर में श्रद्धालु सुबह से ही पहुंचने लगे। राप्ती नदी से जल लेकर लोगों ने जलाभिषेक करते हुए पूजा अर्चना की। कोरोना काल के कारण मंदिरों के बाहर फोर्स तैनात रही। नवाबगंज थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार त्रिपाठी क्षेत्र में भ्रमण कर घरों में ही पूजा करने की अपील करते रहे। खंड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज संतोष कुमार शुक्ला ने अपने पूरे परिवार के साथ मंगलीनाथ शिव मंदिर में जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। हुजूरपुर में नदी में स्नान कर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जलाभिषेक किया। इसके अलावा रुपईडीहा, नानपारा, कैसरगंज, मिहींपुरवा, पयागपुर समेत अन्य ग्रामीण अचंलों में श्रद्धालुओं ने पूजा कर जलाभिषेक किया गया। शिव मंदिरों व नदी के घाटों पर पुलिस फोर्स मुस्तैद रही।