बहराइच। नवनिर्वाचित दलित प्रधान की हत्या के बाद हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए धरने पर बैठे परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए डटीं पूर्व सांसद आखिरकार तीन दिन बाद मान गईं। पूर्व सांसद के समर्थकों की भीड़ को देखने के बाद उग्र प्रदर्शन की आहट मिलते ही पुलिस-प्रशासन को पूर्व सांसद की जिद के सामने झुकना पड़ा। पूर्व सांसद की सभी मांगों को स्वीकार करने के बाद सांसद ने धरना-प्रदर्शन समाप्त किया। धरना समाप्त होने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
जरवलरोड थाना क्षेत्र के ग्राम करनई के नवनिर्वाचित दलित प्रधान द्वारिका प्रसाद की गोली मारकर 17 जून को हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि मामले में पुलिस हत्यारों को बचाने में जुटी रही। पुलिस परिवार के ही लोगों का नार्को टेस्ट कराने की कोशिश कर रही थी। इसकी भनक लगने पर पूर्व सांसद व कांशीराम बहुजन मूल निवासी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सावित्रीबाई फुले ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे परिवार को तीन दिन पहले समर्थन दिया। दो दिन तक पूर्व सांसद अपने चंद समर्थकों के साथ धरने में शामिल होकर हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करती रहीं।
पुलिस का अड़ियल रवैया देख पूर्व सांसद भड़क उठीं और शुक्रवार को भारी समर्थकों के साथ शहीद स्मारक धरना-स्थल पर सुबह ही पहुंच गईं। भारी भीड़ को देखते ही धरना स्थल को छावनी में तब्दील करते हुए पांच थानों की फोर्स व पीएसी तैनात कर दी गई। पुलिस के जवान बढ़ते रहे तो पूर्व सांसद के धरने में लोगों की संख्या बढ़ती रही। बढ़ती भीड़ व पूर्व सांसद के आक्रोश को देखकर पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूलने लगे। दोपहर बाद से ही पुलिस महकमा पूर्व सांसद को मनाने के लिए मिन्नतें करता रहा। आखिरकार शाम को एडीएम जयचंद पांडेय व एएसपी नगर कुंवर ज्ञानंजय सिंह धरना स्थल पर पहुंचे। पूर्व सांसद की हर बात को स्वीकार करते हुए ज्ञापन लिया और धरने को समाप्त कराया। पूर्व सांसद ने एएसपी के सामने एलान किया कि अगर पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो डीजीपी से लेकर प्रमुख सचिव गृह तक से मिलकर शिकायत करेंगे। जरूरत पड़ी तो न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतरकर प्रदर्शन भी करेंगे। मामले को खत्म कराने की आस लेकर आए एएसपी व एडीएम ने पूर्व सांसद की हर मांग को स्वीकार कर धरना-प्रदर्शन समाप्त कराया। इस मौके पर अक्षयवर नाथ कनौजिया, सुमन देवी, आरती देवी, प्रेमा देवी, रीना कुमारी, संदीप यादव, रविशंकर, महेश माही, संजय भारती, रोशनलाल व सुनील बंगाली समेत अन्य लोग मौजूद रहे।