बिछिया (बहराइच)। कलंदरपुर गांव में पकड़ी गई मादा तेंदुआ को कतर्नियाघाट के कोर जोन में छोड़ दिया गया है। पिंजड़ा खुलते ही तेंदुआ जंगल की ओर चली गई। मालूम हो कि मोतीपुर रेंज में तेंदुए के हमले में बालिका समेत दो लोगों की मौत हो चुकी है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज अंतर्गत खाले बढ़ैया और कलंदपुर गांव में तेंदुआ हमलावर थी। तेंदुए के हमले में आठ वर्षीय बालिका और छह वर्षीय बालक की मौत हो गई थी। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने दोनों गांव में पिंजड़ा लगाया था। सोमवार रात एक बजे के आसपास तेंदुआ पिंजड़े में कैद हो गई। डीएफओ आकाशदीप बधावन ने पशु चिकित्सकों की टीम से मादा तेंदुआ के स्वास्थ्य का परीक्षण कराया। स्वास्थ्य परीक्षण में तेंदुआ पूरी तरह से स्वस्थ मिला। इस पर प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बधावन, वन क्षेत्राधिकारी मोतीपुर महेंद्र मौर्या व रामकुमार की अगुवाई में तेंदुआ को कतर्नियाघाट के ट्रांस गेरुआ पार कराया गया। इसके बाद उसे सेंक्चुरी क्षेत्र के कोर जंगल में छोड़ दिया गया। पिंजड़ा खुलते ही तेंदुआ जंगल की ओर भाग गई।