27 बीएचआर 36 - हुजूरपुर विकास खंड में सरयू नदी द्वारा प्राचीनकालीन मंदिर पर कटान करती नदी।
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हुजूरपुर (बहराइच)। भंगहाघाट स्थित शिव मंदिर सरयू नदी की कटान में आ गया है। मंदिर का परिसर नदी में समाहित हो गया है। जबकि कुछ दिनों में ही प्राचीनकालीन शिव मंदिर भी कटान में समाहित हो जाएगा। मंदिर पर नदी के कटान करने की सूचना ग्रामीणों ने अधिकारियों को दी। लेकिन सूचना के बाद भी राजस्व कर्मी गांव नहीं पहुंचे हैं।
हुजूरपुर विकास खंड अंतर्गत हुजूरपुर-फखरपुर मार्ग के निकट भंगहाघाट स्थित है। इसी के निकट प्राचीनकालीन शिव मंदिर है। सरयू नदी में इस समय पानी काफी बढ़ गया है। नदी ने कटान करते हुए मंदिर परिसर की जमीन को चपेट में ले लिया है। जबकि नदी अब प्राचीनकालीन मंदिर, यज्ञशाला और भोजनालय को आगोश में लेना शुरू कर दिया है। लेकिन अभी तक तहसील प्रशासन की ओर से प्राचीनकालीन मंदिर को बचाने के कोई उपाय नहीं किए गए हैं। मंदिर के महंत माधवराज पांडेय ने बताया कि मंदिर को बचाने के लिए अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों को सूचना दिया गया है। पत्राचार भी किया गया है। लेकिन किसी के द्वारा मंदिर को बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि पत्थर के बोल्डर डाले जाएं तो धारा मोड़कर मंदिर को कटने से बचाया जा सकता है। इस मामले में एडीएम जयचंद्र पांडेय का कहना है कि सूचना मिली है। बाढ़ खंड के साथ तहसील के अधिकारियों से कटान की रिपोर्ट मांगी जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।