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नेपाल के रॉयल बर्दिया से सीधे जुड़ जाएगा कतर्नियाघाट

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बहराइच। नेपाल के रायल बर्दिया नेशनल पार्क से कतर्नियाघाट सीधे संपर्क मार्ग से जुड़ जाएगा। इसके लिए इंडो-नेपाल समानांतर सड़क का निर्माण होगा। केंद्र सरकार के अधिकारियों ने कतर्निया जंगल से निकलने वाली सड़क का सर्वे किया। सेटेलाइट द्वारा तस्वीर कैद की। इसके बाद सभी दिल्ली के लिए रवाना हो गए। सड़क का निर्माण 50 किलोमीटर होगा। सभी बीओपी को सड़क से जोड़ा जाएगा जिससे एसएसबी के साथ वन विभाग को सुरक्षा में आसानी होगी। समन्वय स्थापित कर सकेंगे।
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जंगल व भारतीय सीमा की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार की ओर से कतर्नियाघाट में नोमेंस लैंड के समानांतर सड़क का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए लगभग तीन वर्ष से कवायद चल रही है। सीमा पर बने एसएसबी के बीओपी को संपर्क मार्ग से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार की टीम निरंतर कार्य कर रही है। लेकिन जंगल में जंगली जीवों को नुकसान न हो, साथ ही पेड़ों को बचाया जा सके। इस पर वन विभाग के केंद्र सरकार के अधिकारी सर्वे कर रहे हैं। मंगलवार को डब्ल्यूडब्ल्यूआई (वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया) के डीन प्रोफेसर डॉ. यादुवेंद्रदेव झाला की अगुवाई में अधिकारी पहुंचे।
कतर्नियाघाट के प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बधावन ने जंगल परिक्षेत्र में होने वाले सड़क निर्माण की जानकारी दी। डॉ. झाला ने बार्डर आउट पोस्ट (बीओपी) को जोड़ने वाले संपर्क का जायजा लिया। उन्होंने सेटेलाइट सर्वे कर लैपटाप में विभिन्न मार्ग के चित्र कैद किए। इसके बाद टीम वापस लौट गई। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि इंडो-नेपाल सड़क निर्माण से नेपाल का रायल बर्दिया पार्क सीधे कतर्नियाघाट से जुड़ जाएगा। साथ ही वनकर्मियों के साथ एसएसबी के जवान सीमा की सुरक्षा के साथ जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा समन्वय के साथ करेंगे। डीएफओ ने बताया कि जंगल परिक्षेत्र से होकर लगभग 50 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाएगा। सड़क का नामकरण खाताकारीडोर से हो जाएगा। इस दौरान वनकर्मी और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौजूद रहे।
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डब्ल्यूडब्ल्यूआई के प्रोफेसर डॉ. झाला ने कतर्निया से गुजरने वाले सड़क का सर्वे किया है। वह रिपोर्ट केंद्र सरकार के उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे। मालूम हो कि डॉ. झाला सेंक्चुरी क्षेत्र से सड़क निकालने के लिए देशभर में सर्वे करने जाते हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में जंगल को बचाने के साथ बेहतर सड़क निर्माण पर बल दे रहे हैं।
कतर्नियाघाट सेंक्चुरी को रायल बर्दिया नेशनल पार्क से जोड़ने के लिए इंडो-नेपाल समानांतर सड़क का निर्माण होगा। इसके लिए केंद्र के अधिकारियों की टीम ने सर्वे किया है। प्रोजेक्ट मिलने के बाद सड़क निर्माण का रास्ता साफ होगा। सड़क निर्माण पर जंगल को कम नुकसान हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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- आकाशदीप बधावन डीएफओ
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