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परिजनों को शक था कि बच्ची को ले गया तेंदुआ

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बहराइच/नानपारा। नानपारा कोतवाली क्षेत्र में बिस्तर से गायब बच्ची को ढूंढने निकले परिजनों को यह शक था कि तेंदुआ बच्ची को उठा ले गया, लेकिन परिजनों को यह नहीं पता था कि जब वह जानवर को ढूंढ रहे थे तो इंसान रूपी जानवर उनकी बच्ची को हवस का शिकार बना रहा था। 10 किलोमीटर तक परिजन बच्ची व जानवर के पदचिह्न को तलाशते रहे और बच्ची घर के 100 कदम की दूरी पर दर्द से तड़पती रही। जब तक परिजन बच्ची को तलाश पाते, तब तक इंसान रूपी जानवर ने उसे किसी खतरनाक आदमखोर जानवर से ज्यादा जख्म दे चुका था। जिसकी इलाज के दौरान आखिरकार अस्पताल मेें मौत ही हो गई।
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नानपारा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी दो साल की मासूम बच्ची अपनी मां के साथ सोई हुई थी। रात में वह अचानक बिस्तर से गायब हो गई। मंगलवार की भोर मां जगी तो देखा कि बिस्तर से बेटी गायब थी। चूंकि गांव में तेंदुआ आया करता था तो परिजनों को शक हुआ कि बच्ची को तेंदुआ उठा ले गया होगा और जख्मी करके कहीं छोड़कर भाग गया होगा। इसी कयास में पीड़िता की मां व पिता बच्ची को कुछ ग्रामीणों के साथ ढूंढ़ने निकले। मां-बाप व ग्रामीण सड़क के खड़ंजे से लेकर गन्ने के खेत तक जानवर के निशान व बच्ची को तलाशते रहे। परिजन लगभग दो घंटे तक बच्ची को ढूंढ़ते रहे। अस्पताल में बच्ची के मौत के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। हर किसी की आंखें घटना को सुन नम हो जा रही हैं।
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