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अफसरों की जांच में चार जगह ही मिले रेनकट, उठ रहे सवाल

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बहराइच। बेलहा-बेहरौली तटबंध की सुरक्षा पर एक और बड़ी हीलाहवाली सामने आई है। डीएम के निर्देश पर तटबंध की जांच करने पहुंची एसडीएम की अगुवाई वाली टीम को महज चार रेनकट ही मिले हैं। एक स्थान पर भी रैटहोल नजर नहीं आए। ऐसे में पूरी जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, अधिकारी तटबंध पर किसी भी तरह के खतरे से इंकार कर रहे हैं।
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बेलहा-बेहरौली तटबंध करीब 95 किलोमीटर लंबा है। करीब पांच लाख की आबादी की सुरक्षा को लेकर बनाए गए तटबंध की मरम्मत के लिए शासन ने 1.70 करोड़ रुपये का बजट भेजा था। मगर अफसर-ठेकेदार गठजोड़ ने सारी रकम की बंदरबांट कर ली। डीएम डॉ. दिनेश चंद्र ने तटबंध पर खतरे की खबर का संज्ञान लेते हुए एसडीएम महसी एसएन त्रिपाठी की अगुवाई में सरयू ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा, सहायक अभियंता बीबी पाल, नायब तहसीलदार महसी की टीम गठित कर जांच के लिए भेजा। जांच के लिए गई टीम ने रिपोर्ट दी है कि बौंडी के 55 किलोमीटर से लेकर घूरदेवी के 64.500 किलोमीटर तक जांच की गई जिसमें तटबंध के 58.500 किमी पर रानीबाग बगिया के पास जो रेनकट थे उन्हें मिट्टी द्वारा भर दिया गया है। तटबंध के 63.120 बिंसवां एवं 64 पीपल के पास च राघवराम की दुकान के पास तटबंध पर जो रेनकट हुए उन्हें भी भर दिया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल है कि रिपोर्ट में एक भी रैटहोल का हवाला क्यों नहीं दिया गया।
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