बिछिया (बहराइच)। पर्यटकों की आवाजाही बंद होने से जंगल में शांति है जो बेजुबानों को खूब रास आ रही है। वे मनमाफिक विचरण कर रहे हैं। रविवार शाम भी कतर्नियाघाट रेंज में सड़क पर नर और मादा तेंदुआ दिखे। इन्हें देख वाहन से आ रहे लोगों ने रफ्तार धीमी कर ली। तेंदुओं के जाने के बाद सभी रवाना हुए। तेंदुओं की उछलकूद देखकर लोग काफी खुश हुए।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग संरक्षित वन क्षेत्र है। जंगल में कोरोना संक्रमण के चलते पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबंधित है। ऐसे में इस समय जंगल में पर्यटक नहीं जा रहे हैं। जंगल का वातावरण शांत है। ऐसे में जंगली जीव जंगल के साथ सड़क मार्ग पर उछलकूद कर रहे हैं। कतर्नियाघाट रेंज के बीच से होकर गुजरी सड़क से रविवार को कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब के पदाधिकारी कार से जा रहे थे। दूसरी साइड से ट्रैक्टर सवार आ रहा था। इसी दौरान दोनों वाहनों के बीच से नर तेंदुआ निकला। इसके कुछ मिनट में ही मादा तेंदुआ भी आ गई। सड़क पार करते तेंदुओं को देख वाहन चालकों ने रफ्तार धीमी कर दी। दोनों तेंदुए कुछ देर में सड़क पार करते हुए जंगल में उछलकूद करते हुए चले गए।
तेंदुए के जोड़े को देख सभी काफी खुश दिखे। कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब के अध्यक्ष भगवानदास लखमानी का कहना है कि इस समय जंगल में वातावरण शांत है। ऐसे में जंगली जीव सड़कों पर भी आवागमन कर रहे हैं। लोग कम रफ्तार में वाहन चलाएं जिससे उनकी जान बच सके। वन क्षेत्राधिकारी रामकुमार का कहना है कि जंगल में शांति है जिससे वन्यजीव विचरण कर रहे हैं। वाहन चलाने वाले लोग सतर्कता बरतें।