बहराइच। जिला कारागार में कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच बंदियों की सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट के निर्देश पर रिहा किए जाने की कवायद शुरू कर दी गई है। जेल प्रशासन ने 430 बंदियों की सूची विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजी है। सात साल तक की सजा वाले विचाराधीन बंदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा। सजायाफ्ता कैदियों को पेरोल पर छोड़ा जाएगा।
जिला कारागार में वर्तमान समय में करीब 1650 बंदी निरुद्ध हैं। इसमें बहराइच और श्रावस्ती जिलों के बंदी हैं। कोरोना संक्रमण का खतरा तेजी के साथ फैल रहा है। संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए उच्च न्यायालय ने बंदियों को रिहा किए जाने के आदेश जारी किए थे। आदेश मिलने के बाद जेल से बंदियों को रिहा किए जाने की कवायद शुरू की गई है। बहराइच जिला कारागार में निरुद्ध 430 बंदियों की पहली सूची तैयार की गई है। जिसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजा गया है।
प्राधिकरण की सचिव शिखा यादव ने बताया कि सात साल तक की सजा वाले मामलों में जिला कारागार में निरुद्ध विचाराधीन बंदियों को अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा जबकि सजा पाने वाले कैदियों को पैरोल पर छोड़ने की कार्रवाई अदालतों द्वारा की जाएगी। कोरोना के संक्रमण से बंदियों को बचाने के लिए यह कदम हाईकोर्ट के आदेश पर उठाया जा रहा है।
बंदियों को अंतरिम जमानत दिए जाने के लिए 45 दिन की अवधि निर्धारित है। माना जा रहा है कि संक्रमण का खतरा बढ़ने के बाद इस अवधि को भी विस्तारित किया जा सकता है।
डिप्टी जेलर एसके त्रिपाठी ने बताया कि जिला कारागार में दो बंदी कोरोना पॉजिटिव मिले थे। जिनको एल-2 में भर्ती कराया गया था। एक मरीज ठीक होकर वापस आ गया है। जेल में आने वाले सभी बंदियों की प्रतिदिन जांच कराई जा रही है। संक्रमण से बचाने के लिए उनको दिए जाने वाले सामान को भी सैनिटाइज कराया जाता है।