बहराइच। पंचायत चुनाव के आरक्षण को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। जिला पंचायत सदस्य में परिसीमन के बाद भी कई वार्डों का आरक्षण नहीं बदला है। ऐसे में आरक्षण पर सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रशासन आपत्ति लेने के बाद ही स्थिति साफ होने की बात कह रहा है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए अनंतिम आरक्षण जारी कर दिया गया है। आरक्षण जारी होने के बाद सवाल खड़े होने शुरु हो गए हैं। जिला पंचायत सदस्य के बहराइच में पहले 64 वार्ड बने हुए थे। कैसरगंज और पयागपुर को नगर पंचायत बनाए जाने के बाद परिसीमन किया गया। जिसमें एक वार्ड घट गया। अब 63 वार्ड पर चुनाव होना है। अधिवक्ता रामेंद्र मिश्रा का कहना है कि जिला पंचायत के वार्ड परिसीमन में वार्ड संख्या को परिवर्तित कर दिया गया है।
वार्ड संख्या बदलने के बाद भी पहले के वार्ड के गांवों को शामिल रखा गया है। इसके बावजूद आरक्षण में कोई फेरबदल नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि वार्ड संख्या 33 लगातार तीन चक्रों से पिछड़ी वर्ग के लिए आरक्षित रही है। अबकी बार वार्ड संख्या 40 का नाम देने के बाद भी आरक्षण में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसी तरह से वार्ड संख्या 38 के भी आरक्षण में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। यह भी पहले से ही सामान्य रहती है। अबकी बार भी इसे सामान्य की श्रेणी में रखा गया है। इसी तरह से कई अन्य वार्डों में आरक्षण करने में बड़ी हेराफेरी की गई है।
अधिवक्ता रामेंद्र मिश्रा का कहना है कि जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय द्वारा वार्डों के आरक्षण की स्थिति की नकल नहीं दी जा रही है। वर्ष 1995 से वर्ष 2015 तक के आरक्षण की स्थिति के संबंध में पत्र दिया गया है। मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण के संबंध में आपत्तियां लेने की कार्रवाई की जा रही है। आरक्षण की स्थिति के संबंध में आपत्ति ब्लाक मुख्यालय व डीपीआरओ कार्यालय में दी जा सकती हैं। जिसके बाद डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति उसका निस्तारण करेगी।
उमांकात पांडेय, डीपीआरओ, बहराइच