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बहराइच: 14 दिन की खामोशी के बाद भेड़िए फिर हुए सक्रिय, दो पर जानलेवा हमला, वन विभाग ने तेज किया सर्च ऑपरेशन

Sat, 28 Sep 2024 06:46 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, बहराइच

सार

Wolf in UP: यूपी के बहराइच जिले में भेड़िए एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं। 14 दिन तक हमले की कोई नई घटना सामने नहीं आई थी। पर एक बार फिर दो मामले सामने आए हैं। 
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कुछ भेड़िए पकड़े भी गए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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 बीते 14 दिन से शांत भेड़िया एक बार फिर हमलावर हो गया है। बृहस्पतिवार की रात महसी तहसील क्षेत्र के हरदी थाना क्षेत्र के दो गांवों में भेड़िये के हमले में दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को रात में ही परिजन सीएचसी ले गए जहां से हालत गंभीर होने पर उनको मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इन घटनाओं के सामने आने के बाद मौके पर वन विभाग की टीम ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।

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हरदी थाना क्षेत्र के रमवापुर खुर्द गांव निवासी आयुष (6) पुत्र रमेश अपनी मां फूलमती के साथ तीन दिन पहले ननिहाल घूमनी गांव आया था। ग्रामीणों ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात फूलमती अपने बेटे आयुष के साथ सोई हुई थी। तभी अचानक एक जंगली जानवर आया और बच्चे को अपनी तरफ खींचने लगा। इतने में फूलमती की आंख खुल गई और वह बच्चे को अपनी तरफ खींचने लगी और जोर-जोर से चिल्लाने लगी। आसपास के लोगों के जगने से जानवर बच्चे को छोड़ भाग गया।

ग्रामीणों ने बताया कि हमलावर जानवर भेड़िया था। इस हमले में छह माह का आयुष गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं दूसरी तरफ इसी थाना क्षेत्र के ग्राम नकहा निवासी ममता (5) पुत्री तीरथ बहन के साथ सो रही थी। रात तीन बजे के आसपास भेड़िये ने बालिका पर हमला कर दिया। शोर मचाने और परिजनों के जागने पर भेड़िया बालिका को छोड़कर भाग गया। घटना के बाद दोनों बच्चों को उनके परिवार के लोगों ने सीएचसी पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
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दो माह से तराई में भेड़िये का आतंक
बीते दो माह से सरयू नदी की कछार में स्थित लगभग 50 गांवों में भेड़ियों का आतंक कायम है। भेड़िये के हमले में अब तक आठ बच्चों व दो महिलाओं समेत 10 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं अब तक 54 लोग घायल हो चुके हैं।

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पांच भेड़िये पकड़े जा चुके

बीते कुछ महीनो से जारी है आतंक। - फोटो : Freepik
वन विभाग की गई कार्रवाई में अब तक पांच भेड़िये पकड़े भी जा चुके हैं। जिनमें से दो भेड़िया गोरखपुर व दो लखनऊ चिड़ियाघर में है जबकि एक भेड़िये की मौत हो गई थी। यहां इस गिरोह का एक भेड़िया और सक्रिय बताया जा रहा है। चर्चा है कि जो भेड़िया बचा है वह लंगड़ा है। एक दिन पूर्व यह भेड़िया वन विभाग के ड्रेान कैमरे में भी कैद हो चुका है। वन विभाग के अनुसार अभी एक भेड़िया पकड़ा जाना बाकी है, लेकिन क्षेत्रीय ग्रामीणों की माने तो महसी क्षेत्र में भेड़ियों की तादात एक से कहीं अधिक है।

लोगों में फिर बढ़ी दहशत
महसी तहसील क्षेत्र में बीती रात हुए भेड़िये के हमले से एक बार फिर क्षेत्र में दहशत का माहौल देखने को मिल रहा है। बीते दो सप्ताह से भेड़िये का कोई हमला न होने से लोग धीरे-धीरे सामान्य जीवन जीने लगे थे, लेकिन दो मासूमों पर जान लेवा हमला होने के बाद एक बार फिर लोगों को भेड़िये का डर सताने लगा है। वन क्षेत्राधिकारी महसी मोहम्मद साकिब ने बताया कि बीती रात हम लोग वहीं बगल में सिसैया गांव में मौजूद थे। घटना की सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचा गया। मौके पर जो पगचिह्न मिले हैं वह बहुत स्पष्ट नहीं थे, उनके आधार पर जंगली जानवर की पुष्टि नहीं हो पाई है कि हमला करने वाला भेड़िया था या कोई अन्य जानवर था।

बिजली सप्लाई न होना भी एक कारण
पूरे महसी क्षेत्र में बिजली सप्लाई पूरी तरह से ध्वस्त है। बृहस्पतिवार की रात से चल रही तेज हवाओं के कारण रात 12 बजे से ही बिजली सप्लाई बाधित चल रही है। जिसके कारण भेड़िये प्रभावित 50 गांवों में भी विद्युत सप्लाई नहीं हो पाई और भेड़िये को हमला करने का मौका मिल गया। महसी क्षेत्र के लगभग 200 गांवों में दो लाख की आबादी बीती रात से बिजली सप्लाई को तरस रही है।

बोले डीएफओ, भेड़िया के हमले की नहीं हुई पुष्टि
महसी तहसील क्षेत्र में बृहस्पतिवार की रात जंगली जानवर के हमले में दो बच्चे घायल हुए है। यह जानवर कौन है इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। हमलावर जानवर भेड़िया नहीं है। सियार या फिर कुत्ते का हमला लग रहा है। वन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।- अजीत प्रताप सिंह, डीएफओ बहराइच

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