बीते कुछ महीनो से जारी है आतंक।
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वन विभाग की गई कार्रवाई में अब तक पांच भेड़िये पकड़े भी जा चुके हैं। जिनमें से दो भेड़िया गोरखपुर व दो लखनऊ चिड़ियाघर में है जबकि एक भेड़िये की मौत हो गई थी। यहां इस गिरोह का एक भेड़िया और सक्रिय बताया जा रहा है। चर्चा है कि जो भेड़िया बचा है वह लंगड़ा है। एक दिन पूर्व यह भेड़िया वन विभाग के ड्रेान कैमरे में भी कैद हो चुका है। वन विभाग के अनुसार अभी एक भेड़िया पकड़ा जाना बाकी है, लेकिन क्षेत्रीय ग्रामीणों की माने तो महसी क्षेत्र में भेड़ियों की तादात एक से कहीं अधिक है।
लोगों में फिर बढ़ी दहशत
महसी तहसील क्षेत्र में बीती रात हुए भेड़िये के हमले से एक बार फिर क्षेत्र में दहशत का माहौल देखने को मिल रहा है। बीते दो सप्ताह से भेड़िये का कोई हमला न होने से लोग धीरे-धीरे सामान्य जीवन जीने लगे थे, लेकिन दो मासूमों पर जान लेवा हमला होने के बाद एक बार फिर लोगों को भेड़िये का डर सताने लगा है। वन क्षेत्राधिकारी महसी मोहम्मद साकिब ने बताया कि बीती रात हम लोग वहीं बगल में सिसैया गांव में मौजूद थे। घटना की सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचा गया। मौके पर जो पगचिह्न मिले हैं वह बहुत स्पष्ट नहीं थे, उनके आधार पर जंगली जानवर की पुष्टि नहीं हो पाई है कि हमला करने वाला भेड़िया था या कोई अन्य जानवर था।
बिजली सप्लाई न होना भी एक कारण
पूरे महसी क्षेत्र में बिजली सप्लाई पूरी तरह से ध्वस्त है। बृहस्पतिवार की रात से चल रही तेज हवाओं के कारण रात 12 बजे से ही बिजली सप्लाई बाधित चल रही है। जिसके कारण भेड़िये प्रभावित 50 गांवों में भी विद्युत सप्लाई नहीं हो पाई और भेड़िये को हमला करने का मौका मिल गया। महसी क्षेत्र के लगभग 200 गांवों में दो लाख की आबादी बीती रात से बिजली सप्लाई को तरस रही है।
बोले डीएफओ, भेड़िया के हमले की नहीं हुई पुष्टि
महसी तहसील क्षेत्र में बृहस्पतिवार की रात जंगली जानवर के हमले में दो बच्चे घायल हुए है। यह जानवर कौन है इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। हमलावर जानवर भेड़िया नहीं है। सियार या फिर कुत्ते का हमला लग रहा है। वन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।-
अजीत प्रताप सिंह, डीएफओ बहराइच