बहराइच में बाबा बंदा सिंह के कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुजन।
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गुरुद्वारा श्रीगुरु सिंह सभा की ओर से शहर के पीपल तिराहा स्थित गुरुद्वारे में रविवार को जरनैल बाबा बंद सिंह बहादुर का तीन सौ वर्षीय शहीदी पर्व श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया। वहीं गत 20 से चल रहे अखंड पाठ का भी समापन किया गया।
सिख धर्मावलंबियों ने गुरु ग्रंथ साहिब पर मत्था टेक कर सुख समृद्धि की कामना की और अटूट लंगर का प्रसाद खाकर अपने को निहाल किया। सिख धर्म के महान शहीद जरनैल बाबा बंदा सिंह बहादुर के तीन सौ वर्षीय शहीदी पर्व की स्मृति में पीपल तिराहा स्थित गुरुद्वारे में अखंड पाठ का आयोजन किया गया था।
गत 20 मई से चल रहा पाठ रविवार को संपन्न हो गया। इस मौके पर अमृतसर से आए धर्म प्रचारक ज्ञानी सतवंत सिंह ने उपस्थित संगत को शहीदी इतिहास से अवगत कराया। कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर महान योद्धा थे।
जिन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों तथा माता गुजरी की शहादत का मुगलों से बदला लिया था। काशीपुर से आए ज्ञानी अजीत सिंह के दाढ़ी जत्थे ने ओजस्वी कीर्तन कर बंदा सिंह बहादुर के जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला।
हुजूरी रागी भाई सरवन सिंह के जत्थे ने कीर्तन कर संगत को निहाल किया। इस अवसर पर प्रधान सरदार भूपेंद्र सिंह काले, महामंत्री सरदार परमजीत सिंह, मंजीत सिंह, जगनंदन सिंह, कुलदीप सिंह, जुझार सिंह, बलबीर सिंह, मोहन सिंह, इंदरपाल सिंह, माता राजकौर, हरबीर कौर, दीपू भाटिया आदि लोग थे।