बहराइच। मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान कार्डधारकों को इलाज कराने में असुविधा नहीं होगी। उनकी सुविधा के लिए 30 बेड के पांच आयुष्मान वार्डाें में भर्ती करके सोमवार से इलाज शुरू कर दिया गया है। हर वार्ड में छह बेड मौजूद हैं। इन वार्डों में सभी दवाओं की व्यवस्था के साथ चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई है। इन वार्डाें में मरीजों को 24 घंटे इलाज मिल सकेगा।
40 लाख की आबादी वाले जिले के मेडिकल कॉलेज में बहराइच के साथ गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और पड़ोसी देश नेपाल के भी मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ओपीडी में प्रतिदिन लगभग दो हजार मरीज आते हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक हर महीने 50 से 60 हजार मरीज पहुंचते हैं। इनमें तीन से चार हजार मरीजों को भर्ती करके इलाज किया जाता है। इनमें आयुष्मान कार्डधारक मरीजों को भर्ती करने के लिए पहले महिला विंग में अलग से 10 बेड का प्रधानमंत्री आयुष्मान वार्ड बनाया गया था। ऐसे मरीजों की संख्या अधिक होने पर उन्हें दूसरे वार्डों में शिफ्ट करना पड़ता था। इससे मरीजों के साथ चिकित्सकों को भी परेशान होती थी। इस समस्याओं के समाधान के लिए मेडिकल कॉलेज में छह-छह बेड के पांच और आयुष्मान वार्ड बनाए गए हैं।
जिला कार्यक्रम समन्यवक अमित कुमार सिंह ने बताया कि जिले में आयुष्मान योजना के 15,36,623 पात्र हैं। इनमें से 9.50 लाख पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा चुका है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्डधारकों का हर साल पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज करने की व्यवस्था था। इस योजना के तहत अब तक 59,000 कार्डधारकों का इलाज हो चुका है।
26 अस्पतालों में है इलाज की व्यवस्था
जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के साथ जिले के 15 सीएचसी पर आयुष्मान कार्डधारक मरीजों के इलाज की व्यवस्था है। इसके अलावा निजी क्षेत्र के न्यू भारत हॉस्पिटल, बद्री प्रसाद शुक्ला मेमोरियल हॉस्पिटल, बहराइच पॉली क्लीनिक सर्जिकल मैटरनिटी सेंटर, हिंदुस्तान चाइल्ड हॉस्पिटल, राहत हॉस्पिटल, मुस्तफा हॉस्पिटल, कांती कुबेर हॉस्पिटल, एके हॉस्पिटल, रेनबो हॉस्पिटल, इंडिया हॉस्पिटल में इलाज की व्यवस्था है।
वर्जन
आयुष्मान कार्डधारकों के मरीजों का इलाज करने के लिए मेडिकल कॉलेज में पांच आयुष्मान वार्ड बनाए गए हैं। सभी दवाओं के साथ चिकित्सक व स्टाफ की तैनाती करने के साथ मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है।
प्रो.संजय खत्री, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज