बहराइच। मुख्यमंत्री के मंच पर चढ़ने के बाद चर्चा में आए जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह उर्फ गब्बर सिंह का नाम प्रदेश की तैयार टॉप 50 माफिया की सूची में शामिल किया गया है। शासन से तैयार इस सूची में बलरामपुर के पूर्व सांसद रिजवान जहीर का नाम भी है। डीआईजी स्तर पर हुई समीक्षा के बाद तैयार इस सूची में शामिल गब्बर सिंह के खिलाफ अर्जित संपत्तियों की कुर्की कर जब्त करने और ध्वस्तीकरण का आदेश भी दिया गया है। निर्देश के आधार पर जिला प्रशासन आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। यह जानकारी पुलिस उपमहानिरीक्षक उपेंद्र अग्रवाल ने दी। वह गोंडा में आयोजित देवीपाटन परिक्षेत्र की बैठक में हिस्सेदारी कर रहे थे।
उन्होंने मंडलीय स्तर पर आने वाले जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ अपराध समीक्षा सहित अन्य बिंदुओं पर गहन चर्चा की। कहा कि बलरामपुर में तो माफिया के खिलाफ कुर्की व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई है जबकि श्रावस्ती जिले में यह शून्य है। निर्देशित किया कि इस संबंध में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। डीआईजी ने बार्डर के थानों पर पुलिस कर्मियों के द्वारा पैसे लेकर तस्करी कराये जाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने के लिए औचक निरीक्षण शुरू किया जाए और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
अपराध रोकने को क्षेत्र में ही रात्रि निवास जरूरी
बैठक के दौरान डीआईजी ने अपराध नियंत्रण के लिए सभी थाना प्रभारियों और क्षेत्राधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में ही रात्रि निवास सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया। कहा कि बिना पुलिस अधीक्षक की अनुमति लिए कोई भी अधिकारी अपना क्षेत्र नहीं छोड़े । साथ ही पॉक्सो अधिनियम के तहत चल रहे मुकदमों में गवाह की मौजूदगी अवश्य करायी जाए। जनपद प्रभारी और निगरानी सेल गोष्ठी आयोजित करके पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई कराकर अभियुक्तों को अधिकतम सजा भी दिलवाएं। उन्होंने परिक्षेत्र के थानों में अवैध वसूली की नीयत से अवैध हिरासत में लेने के बढ़ते मामलों पर भी कड़ी नाराजगी जतायी। साथ ही निर्देशित किया कि थानों पर किसी भी व्यक्ति को अवैध हिरासत में न रखा जाए तथा किसी भी प्रकार से अवैध वसूली न होने पाए।
अवैध बस अड्डों को बंद कराने का निर्देश
डीआईजी ने बैठक के दौरान अवैध बस अड्डों को चिन्हित कर तत्काल इनका संचालन बंद कराने का निर्देश भी दिया। ताकि इससे होने वाली अवैध वसूली और ट्रैफिक जाम की परेशानी को प्रभावी तौर पर खत्म किया जा सके। कहा कि किसी भी जनपद में कोई भी अवैध बस अड्डा न चलने पाए। ऐसे मामलों में संबंधित के खिलाफ प्राथमिकता पर कठोर कार्रवाई तय की जाए। इसके साथ ही अज्ञात शव बरामद होने पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में झोलकर हत्या का मुकदमा लिखने में ढिलाई बरतने वाले थाना प्रभारियों पर भी डीआईजी ने नाराजगी जतायी। निर्देश दिया कि सभी पुलिस अधीक्षक अपने जिलों के थाना प्रभारियों को निर्देशित करें कि पोस्टमार्टम (मूल अथवा प्रतिलिपि) रिपोर्ट प्राप्त होने पर हत्या की बात प्रमाणित होते ही बिना विलंब के 24 घंटे में मुकदमा पंजीकृत कराए।