बहराइच। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार देर शाम जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय की बैठक आयोजित हुई। इसमें डीएम शंभु कुमार ने समीक्षा करते हुए लापरवाह चिह्नित की गईं 56 आशा बहुओं की सेवा समाप्ति करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही खाली पदों पर नियुक्तियां करने का भी निर्देश दिया। डीएम ने आयुष्मान योजना में कम इलाज पर जिला महिला अस्पताल की प्रभारी सीएमएस का वेतन रोक दिया। वहीं गोल्डेन कार्ड वितरण में उदासीनता पर बलहा और मिहींपुरवा के प्रभारी चिकित्साधिकारियों का वेतन रोकने का भी निर्देश दिया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी शंभु कुमार ने आयुष्मान भारत योजना की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। समीक्षा में पाया गया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत कम उपचार हो रहा है। जिला महिला चिकित्सालय में कम उपचार पाये जाने पर उन्होंने प्रभारी सीएमएस का वेतन रोकने का निर्देश दिया। साथ ही जिला महिला चिकित्सालय की डॉ. शिल्पी के बारे में लगातार आ रही शिकायत की जांच का सीएमओ को निर्देश दिया।
विकासखंड बलहा व मिहींपुरवा में गोल्डन कार्ड कम जारी होने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी बलहा व मिहींपुरवा का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने चिह्नित की गईं 56 लापरवाह आशा बहुओं की सेवा समाप्ति की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां आशाओं के पद रिक्त हैं वहां योग्य व सक्षम लोगों की नियुक्ति भी की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य एवं पोषण योजनाओं व कार्यक्रमों को धरातल पर क्रियान्वित कराने में एएनएम, आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में भुगतान 95 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान बीएसए व जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देश दिये गए कि शत-प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित कराकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। बैठक में सीडीओ अरविंद चौहान, सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह, सीएमएस डॉ. डीके सिंह, डीपीओ जीडी यादव, डॉ. आरबी यादव आदि मौजूद रहे।