गांवों में जलभराव व अस्पताल में लगी भीड़।
बहराइच। सरयू के जलस्तर में तेजी से गिरावट शुरू होने के बाद बाढ़ का पानी गांवों से खिसकने लगा है, लेकिन ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। कई गांवों में घर-आंगन और रास्तों पर कीचड़ व जलभराव है। वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वायरल फीवर के मरीज बढ़ने से महसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भीड़ बढ़ गई है। गलकारा ग्राम पंचायत के कटेला पुरवा में करीब 50 परिवार अब भी पानी से घिरे हैं। गांव से बाहर निकलने के लिए ग्रामीणों के पास नाव ही एकमात्र सहारा है।
बृहस्पतिवार को एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर घटकर 105.73 मीटर पहुंच गया। हालांकि, नदी अब भी खतरे के निशान से 34 सेमी ऊपर बह रही है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। घूरदेवी महसी में नदी का जलस्तर 112.23 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 112.15 मीटर से आठ सेंटीमीटर ऊपर है। एल्गिन ब्रिज पर खतरे का निशान 106.07 मीटर है। नदी में करीब 3.23 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज जारी है।
ढाई से तीन फुट पानी में निकलना मजबूरी
गलकारा ग्राम पंचायत के कटेला पुरवा में करीब 50 परिवारों के चारों तरफ अभी पानी भरा है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव से बाहर जाने वाले रास्तों पर ढाई से तीन फुट तक पानी है। पानी कम होने के साथ रास्तों पर कीचड़ बढ़ गया है, जिससे पैदल आवागमन मुश्किल हो गया है। जरूरी सामान लेने, इलाज कराने या अन्य काम से बाहर जाने के लिए ग्रामीण नाव का सहारा ले रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी उतर रहा है, लेकिन गांव की स्थिति सामान्य होने में अभी समय लगेगा। घरों और रास्तों के आसपास जमा पानी और कीचड़ के बीच रहना पड़ रहा है। तहसीलदार विपिन चौरसिया ने बताया कि राजस्व लेखपाल को गांव भेजकर ग्रामीणों तक राहत सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व टीम को प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लेने और जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।
रोजाना 300 मरीजों की ओपीडी
जलभराव और गंदगी के बीच बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। महसी सीएचसी में बृहस्पतिवार को वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की भीड़ रही। सीएचसी अधीक्षक उपेंद्र कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से वायरल फीवर के मरीज सामने आ रहे हैं। पिछले दो दिनों में मरीजों की संख्या अचानक दोगुने से अधिक हो गई है। सीएचसी में रोजाना 300 से अधिक मरीजों की ओपीडी हो रही है। इलाज के लिए सीएचसी पहुंच रहे कुछ बाढ़ पीड़ितों को पंजीकरण में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना आधार कार्ड के पंजीकरण नहीं किया जा रहा है। इससे उन्हें इलाज कराने में दिक्कत उठानी पड़ रही है।
गांवों में जलभराव व अस्पताल में लगी भीड़।
गांवों में जलभराव व अस्पताल में लगी भीड़।