बहराइच। छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा में तैनात रहने वाली एंटी रोमियो की टीम सड़कों पर नहीं दिखाई देती है। इसका खामियाजा स्कूल व कॉलेज जाने वाली छात्राओं को छींटाकशी और अश्लील कमेंट सुनकर भुगतना पड़ रहा है। दिनभर सड़कों से गायब रहने वाली एंटी रोमियो टीम की चेकिंग करते हुए फोटो दूसरे या तीसरे दिन पुलिस विभाग की ओर से बनाए गए ग्रुप पर डाल कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी करने की गवाही भेज दी जाती है। जिससे पुलिस महकमे के अधिकारी को यह पता चल सके कि सड़क पर एंटी रोमियो की टीम पूरी तरीके से मुस्तैद है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
शहर में दर्जनों कॉलेज व कोचिंग सेंटर संचालित हैँ। सुबह और शाम छात्राएं बेहतर शिक्षा ग्रहण करने के लिए अपने घर से कोचिंग के लिए निकलती हैं। इस दौरान रास्ते में छात्राओं को शोहदों की परेशानियां से दो-चार होना पड़ता है। पानी टंकी चौराहे के पास संचालित कोचिंग में पढ़ने वाली छात्रा ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कोचिंग के समय शाम चार बजते ही बाइक सवार शोहदे आगे-पीछे घूमने लगते हैं। कभी-कभी तो छींटाकशी व अश्लील बातें कहकर तेजी से बाइक को भगा ले जाते हैं। मुझे नहीं पता चल पाता कि एंटी रोमियो की टीम हम लोगों की सुरक्षा के लिए कहां मुस्तैद रहती है।
वहीं, इंदिरा गांधी स्टेडियम के पास संचालित एक कोचिंग की छात्रा ने बताया कि बाइक सवार युवक तेजी से आते हैं और साइकिल के आगे तेजी से ब्रेक मारकर रोक देते हैं, जिससे हम लोगों को साइकिल रोक कर किनारे रुकना पड़ जाता है। यह सिलसिला शाम चार बजे से छह बजे तक चलता रहता है। शोहदे कभी आंखों से घूरते हुए निकलते हैं तो कभी छींटाकशी भी करते हैं। इस दौरान कहीं भी एंटी रोमियो की टीम कहीं दिखाई नहीं देती है।
लगातार किया जा रहा गश्त
स्कूल व कोचिंग के समय लगातार वर्दी व सादी वर्दी में एंटी रोमियो की टीम गश्त कर संदिग्ध लोगों से पूछताछ करती है। छात्राओं से कोचिंग व स्कूल में समस्याएं जानकर उनका निस्तारण किया जाता है। अगर किसी भी छात्रा को परेशान किया जा रहा है। उसकी समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
- प्रियंका सिंह, एंटी रोमियो प्रभारी