बहराइच। मजदूर विरोधी कानून व अन्य मांगों को लेकर गुरुवार को उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड मेडिकल रिप्रेजेंटेटिक्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक की। इस मौके पर उन्होंने मेल से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर मजदूर कानून को वापस लेते हुए कामगारों का उत्पीड़न बंद किये जाने की मांग की।
बैठक की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष बीके पाठक ने की। इस मौके पर संगठन के सचिव पंकज कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने मजदूर विरोधी कानून को पास कर मजदूरों के साथ धोखा देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से समस्याओं को लेकर कई बार प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा जा चुका है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सचिव कामरेड श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र सरकार के उदासीन रवैये को लेकर संगठन की ओर से 26 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक के बाद उन्होंने मेल के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर मजदूर विरोधी कानून वापस लेने, कोरोना महामारी में लॉकडाउन के बहाने सेल्स प्रमोशन कामगारों का उत्पीड़न बंद करने की मांग की। देश के सभी राज्यों को आठ घंटे से ज्यादा किसी कामगारों से कार्य न लेने के निर्देश जारी किये। एक मई को अंताराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की जाए। दवाओं व मेडिकल उपकरणों पर जीरो जीएसटी लगाई जाए। दवाओं का ऑनलाइन बिक्री बंद कराई जाए। इस मौके पर बलवीर सिंह, सीपी यादव, वरुण सिंह, अमित कुमार सिंह, सौरभ गुप्ता, विवेक सैनी, राहुल पटेल आदि मौजूद रहे।