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तकनीकी खेती से जुड़कर किसान बढ़ाएं आमदनी: डीएम

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बहराइच। जिले के किसान तकनीकी खेती के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकते हैं। किसान छुट्टा गोवंश से परेशान न हों, इसके लिए गोआश्रय स्थलों की स्थापना की गई है। आश्रय स्थलों पर सहयोग कर किसान निर्भय रूप से खेती कर सकते हैं। यह बात जिलाधिकारी शंभु कुमार ने कही। वह जनपद स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी व किसान मेले को संबोधित कर रहे थे।
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खरीफ उत्पादकता गोष्ठी व किसान मेले का शुभारंभ डीएम ने फीता काटकर किया। इस मौके पर डीएम ने किसानों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का प्रयास कर रही है। लेकिन इसके लिए किसानों को भी तकनीकी खेती अपनानी होगी। जिससे कि खेतों में उपज बेहतर हो और उसका लाभ सीधे किसान को मिले।
इस मौके पर राजकीय कृषि बीज भंडार डीहा, चित्तौरा, कृषि रक्षा सेवा, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य, पशु पालन, गन्ना, रेशम व अन्य विभागों के साथ ही त्रिमूर्ति प्लांट साईजेज धनसरी डिस्ट्रीब्यूटर इंडियन फारमर्स फर्टीलाइजर कोऑपरेटिव आदि की ओर से स्टाल व प्रदर्शनी लगाई गई। जिसका डीएम ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद डीएम ने कहा कि किसानों की समस्या छुट्टा जानवर हैं।
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इसके लिए सरकार की ओर से गो आश्रय स्थल बनवाकर छुट्टा पशुओं को रखने की व्यवस्था करवाई जा रही है। उसी के तहत जिले में लगभग 60 गोस्थल संचालित किए जा रहे हैं। जिसमें लगभग 4500 पशुओं को रखा गया है। डीएम ने बताया कि सरकार द्वारा प्रति पशु को 30 रुपये की दर से चारा आदि की व्यवस्था के लिए दिया जा रहा है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि अपने गांव के गो आश्रय स्थल संचालन में सहयोग करें, तथा सहयोग के लिए भूसा आदि दान भी करे। इस मौके पर डीएम ने किसानों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने की अपील की। कार्यक्रम को उप निदेशक कृषि आरके सिंह व किसान मेला को विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, हिंदु युवा वाहिनी के प्रदेश उपाध्यक्ष राजदेव सिंह, प्रगतिशील कृषक हनुमान प्रसाद शर्मा, शक्तिनाथ सिंह, शिवशंकर सिंह आदि ने भी संबोधित किया। खरीफ उत्पादन गोष्ठी एवं किसान मेला का संचालन कृषि रक्षा निरीक्षक भालचंद्र त्रिपाठी ने किया।
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