बहराइच। तराई में नए वर्ष का आगाज खुशनुमा मौसम के साथ हुआ। वर्ष 2019 के अंतिम दिन अचानक मौसम बिगड़ने के चलते पूरे दिन लोग ठिठुरते रहे। मगर बुधवार सुबह गुनगुनी धूप खिली तो लोगों ने काफी राहत महसूस की। हालांकि दोपहर बाद चली तेज पछुआ हवाओं ने लोगों को फिर ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। दोपहर बाद मौसम फिर पलट गया। आसमान में बादल छा गए। लोगों को ठिठुरन का एहसास हुआ।
तराई में मौसम का मिजाज पल-पल बदल रहा है। हालात ये हैं कि कभी बदली, तो कभी बर्फीली हवाओं का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार के मौसम को देखते हुए लोगों को लगा था कि नए वर्ष की भोर काफी सर्द होगी। मगर बुधवार सुबह हल्के कोहरे और धुंध के बाद अचानक सूरज चमका तो लोगों के चेहरे भी चमक उठे। नए वर्ष की नई सुबह का लोगों ने गुनगनी धूप सेंकते हुए स्वागत किया।
वहीं युवाओं व बच्चों ने नए साल का पहला दिन खेलकूद व मौजमस्ती में बिताया। हालांकि दोपहर बाद तेज पछुआ हवाओं ने मौसम का मिजाज फिर तीखा कर दिया। धूप के बावजूद ठिठुरन व गलन का एहसास हुआ। लोग गर्म कपड़ों से खुद को ठंड से बचाते दिखे। सबसे अधिक दिक्कत शाम के समय घर लौटने वाले मजदूर पेशा वर्ग के लोगों को हुई।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। पछुआ हवा 10 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली है। उन्होंने कहा कि गुरुवार सुबह हल्के कोहरे का सामना करना पड़ सकता है।