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आठ माह बाद फिर फूलों की बिक्री से महकेगी किसानों की किस्मत

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बहराइच। देश में फैले कोरोना के कारण अर्श से फर्श पर पहुंचे फूल कारोबारियों को एक बार फिर आठ माह बाद फूलों की बिक्री से किस्मत महकने की उम्मीद जगी है। किसानों व कारोबारियों को नवरात्र पर्व पर अच्छे कारोबार की आस है। मुनाफे की आस में किसानों ने एक बार फिर से फूलों की खेती में पसीना बहाना शुरू कर दिया है। आने वाले सहालग के लिए बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। बढ़ती बुकिंग को देखते हुए किसानों को इस बार अपनी मेहनत से उगाए फूल की बिक्री से चेहरे पर मुस्कान के साथ मुनाफे की आस की राह साफ दिख रही है।
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शादी-विवाह का सीजन था। किसानों को उम्मीद थी कि उनके द्वारा उगाए गए फूलों की अच्छी खासी कीमत मिलेगी और मुनाफा भी होगा, लेकिन देश में फैली कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन ने इन किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। लगातार आठ माह से ठप पड़े कारोबार से किसानों व कारोबारियों की कमर टूट गई है। रोजी-रोटी के लाले पड़े थे। खेतों में आंखों के सामने बिखरी हुई हरियाली के बीच महकते हुए खुशबू के फूल सूख रहे थे और किसान चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहे थे, क्योंकि लॉकडाउन के कारण सब कुछ बंद चल रहा था। लॉकडाउन में किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई के लिए कोई उम्मीद भी नहीं दिख रही है। ज्यादा लगन वाले दिन लॉकडाउन में ही बीत गए। अब अनलॉक-5 शुरू होने के बाद एक बार फिर से उम्मीद जगी है। जेहन में इसी उम्मीद को लेकर किसान व कारोबारी अपने खेत व दुकान में जुट गए हं। नवंबर व दिसंबर में बची लगन पर किसानों की नजर टिकी हुई है। बढ़ती बुकिंग को देखते हुए किसानों व कारोबारियों के चेहरे पर छाई हुई मायूसी दूर होने लगी है।
फूलों के नाम व रेट
गेंदा का फूल - 50 रुपये किलो
गुलाब का फूल- 100 रुपये किलो
गेलेडियस - 100 रुपये गड्डी
अंग्रेजी गुलाब - 50 रुपये बंडल
बिक्री तेजी से शुरू होने की उम्मीद
मार्च से लेकर जुलाई तक काफी लगन थीं, लेकिन कोरोना काल के कारण सब कुछ खत्म हो गया। फूलों की बिक्री से उम्मीद थी कि मुनाफा होगा, लेकिन सारी उम्मीद पर पानी फिर गया। अब नवरात्र पर्व से एक बार फिर से उम्मीद है कि कुछ बिक्री तेजी से शुरू होगी। कोरोना ने पूरी जिंदगी की कहानी बदल दी।
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बाबू, फूल विक्रेता
फिर से शुरू होगा ठप कारोबार
मार्च से लेकर जुलाई तक 40 बुकिंग थीं, लेकिन मार्च से ही कोरोना के चलते लॉकडाउन हो गया और सभी बुकिंग केंसिल करनी पड़ीं। कोरोना काल में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। अब नवरात्र से उम्मीद है कि फूलों की बिक्री में रफ्तार आएगी और ठप पड़ा कारोबार फिर से शुरू होगा।
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अमन सैनी, फूल कारोबारी
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