बहराइच। शहर का ट्राॅमा सेंटर चालू न किए जाने पर शहर निवासी एक अधिवक्ता ने 10 से 15 दिन पहले उच्च न्यायालय लखनऊ में जनहित याचिका दायर की थी। मंगलवार को उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक उत्तर प्रदेश से जवाब तलब किया है कि अब तक ट्राॅमा सेंटर क्यों नहीं चालू किया जा सका है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 17 अक्तूबर की तारीख तय की है।
शहर के दरगाह क्षेत्र के निवासी सामाजिक संस्था आसरा द सपोर्टिंग हैंड फाउंडेशन के अध्यक्ष व उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सैय्यद अकरम आजाद ने उच्च न्यायालय लखनऊ में दायर की गई जनहित याचिका में लिखा है कि शहर के चांदपुरा स्थित मलेरिया हॉस्पिटल में वर्ष 2019 में करोड़ों रुपये की लागत से ट्राॅमा सेंटर बनवाया गया था। वर्षों से ये भवन झाड़-झंखाड़ में तब्दील हो रहा है।
सैय्यद अकरम आजाद ने बताया कि मंगलवार उनकी ओर से उपस्थित हुए अधिवक्ता सैय्यद फारूक अहमद व मोहम्मद तैय्यब ने अपना पक्ष रखा और उच्च न्यायालय को तथ्यों से अवगत कराया। जिस पर संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय लखनऊ की डबल बेंच ने प्रदेश के स्वास्थ्य महानिदेशक से जवाब तलब करते हुए अगली सुनवाई 17 अक्तूबर तय कर दी है।