बहराइच। सिविल कोर्ट परिसर के मीटिंग हॉल में मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की बैठक हुई। इसमें न्यायिक अधिकारियों ने सर्वोच्च न्यायालय के तत्वावधान में शुरू हुए राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान कार्यक्रम पर मंथन करते हुए जिले में अभियान चलाने की कार्ययोजना बनाई गई।
बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जनपद न्यायाधीश राजेश कुमार सिंह ने किया।प्राधिकरण के सचिव व एडीजे विराट शिरोमणि ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर मीडिएशन एवं कंसीलियेशन प्रोजेक्ट कमेटी सर्वोच्च न्यायालय के तत्वावधान में पूरे देश में एक जनवरी से राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान कार्यक्रम का आरंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से विभिन्न न्यायालयों पर लंबित प्रकरणों का अधिक से अधिक संख्या में निस्तारण कराना है।
बैठक के दौरान जनपद न्यायाधीश सिंह ने न्यायिक अधिकारियों का आह्वान किया कि सभी अभियान को गति पहुंचाने में अपना सहयोग प्रदान करें। इस मौके पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी, उपभोक्ता प्रतितोष के अध्यक्ष समेत अन्य न्यायिक अधिकारीगण मौजूद रहे।
अधिक से अधिक संख्या में चिह्नित किया जाएं मामले
प्राधिकरण के सचिव व एडीजे विराट शिरोमणि ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्देश दिया गया है कि वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावे, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, ऋण वसूली, संपत्ति बंटवारे, बेदखली, भूमि अधिग्रहण, उपभोक्ता फोरम समेत अन्य उपयुक्त दीवानी के मामलों को अधिक से अधिक संख्या में चिन्हित किया जाए। इसके बाद सभी मामलों को मध्यस्थता के लिए मध्यस्थता एवं सुलह समझौता केंद्र को संदर्भित किया जाए। जिससे केंद्र में कार्यरत मध्यस्थ व पक्षकारों के बीच सुलहवार्ता कराकर उनके मामलों का निस्तारण कराया जाए।