चित्तौरा। एक ग्रामीण अपने भाई को विदेश भेजना चाहता था। इसके लिए उसने एक व्यक्ति को पासपोर्ट व वीजा बनवाने के लिए 80 हजार रुपये भी दिए, लेकिन कई माह बाद भी पासपोर्ट व वीजा नहीं बनवाया। ग्रामीण ने आरोप लगाया कि अब रुपये वापस करने से भी इन्कार कर रहा है। बुधवार को पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मोतीपुर के पुरैना रघुनाथपुर निवासी प्रेमचंद ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि लगभग छह माह पूर्व वह अपने भाई जसवंत कुमार को नौकरी के लिए विदेश भेजना चाहते थे। इसी बीच उनकी मुलाकात नगर के दरगाह निवासी राशिद खां से हुई।
राशिद ने जसवंत को विदेश भेजने के लिए पासपोर्ट व वीजा बनवाने तथा अच्छी नौकरी दिलाने के नाम पर 45 हजार नकद व 35 हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से ले लिए, लेकिन इसके बाद भी न तो पासपोर्ट बनवाया, न ही वीजा।
प्रेमचंद ने आरोप लगाया कि रुपये वापस मांगे जाने पर पहले तो राशिद ने काफी टालमटोल की, इसके बाद अब वह जानमाल की धमकी भी दे रहा है। बुधवार को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रभारी निरीक्षक रामाज्ञा सिंह ने कहा कि पासपोर्ट व वीजा बनवाने के नाम पर रुपये लिए जाने की शिकायत सामने आई है। शीघ्र ही जांच कराकर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।