बौंडी/कैसरगंज। जिले में भेड़िये के हमले थम नहीं रहे हैं। बृहस्पतिवार सुबह घर के सामने खेल रही एक मासूम पर झपट्टा मारकर भेड़िया उसे खेत में खींच ले गया। ग्रामीण बचाने दौड़े लेकिन बालिका का कोई पता नहीं चल सका। मौके पर पहुंचे वनाधिकारियों ने ड्रोन की मदद से तलाश शुरू की है। वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्राम पंचायत गोडहिया नंबर-तीन के मजरा लोधन पुरवा निवासी संतोष कुमार का कच्चा मकान है। बृहस्पतिवार सुबह परिवार के लोग कामकाज में व्यस्त थे। संतोष की पुत्री जाह्नवी (3) घर के सामने खेल रही थी। तभी अचानक झाड़ियों से निकला भेड़िया उसे जबड़े में दबोचकर खेत की ओर भाग गया। बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण शोर मचाते हुए दौड़े, मगर तब तक भेड़िया खेतों में ओझल हो गया।
आधे घंटे बाद वन विभाग और पुलिस टीम ने गांव पहुंचकर खेतों में कॉबिंग शुरू की लेकिन शाम तक बालिका का कोई पता नहीं चल सका। घटना के बाद से गांव के लोगों में आक्रोश के साथ दहशत भी है।
डीएफओ राम सिंह यादव ने बताया कि मौके पर वनकर्मी और पुलिस बल तैनात हैं। उन्होंने कहा कि पांच टीमें लगाई गई हैं जो ड्रोन से तलाशी कर रही हैं। ग्रामीणों से भी सतर्क रहने और बच्चों को घर के बाहर अकेला न छोड़ने की अपील की गई है।
अक्तूबर माह में थमे, फिर शुरू हो गए हमले
भेड़िये के हमले सितंबर माह में सर्वाधिक हुए। हालांकि अक्तूबर माह में एक भी हमला नहीं हुआ। लेकिन अब नवंबर में हमले का सिलसिला फिर शुरू हो गया है। वहीं वन विभाग निरंतर निगरानी का दावा कर रहा है लेकिन हमले थम नहीं रहे। डीएफओ आशंका जता रहे हैं कि एक भेड़िया मिसिंग है, वही हमले कर रहा है।
सितंबर से अब तक भेड़िये के हमले में इनकी हुई मौत
10 सितंबर को मंझारा तौकली के परागपुर निवासी ज्योति (4) पुत्री रामजीत की मौत
12 सितंबर को भौंरी के बहोरवा निवासी संध्या (4 माह) पुत्री दिनेश की मौत
20 सितंबर मंझारा तौकली गंदूझाला निवासी अंकेश (3) पुत्र रक्षाराम यादव (भेड़िया उठा ले गया)
24 सितंबर -बाबा बंग्ला मंझारा तौकली निवासी सोनी (2)पुत्री बाबूलाल की मौत
30 सितंबर -प्यारे पुरवा निवासी खेदन (70) और उनकी पत्नी मनकी (65) की मौत
02 नवंबर- कंदौली गांव निवासी शानवी (2) पुत्री राकेश की मौत
13 नवंबर- कैसरगंज के नया लोधन पुरवा गांव निवासी जाह्नवी(3) पुत्री संतोष (भेड़िया उठा ले गया)