इकौना। ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए पानी की टंकियों के निर्माण पर सरकार करोडों खर्च कर रही है, लेकिन तराई में कहीं टंकियां अधूरी पड़ी हैं, तो कहीं उनका संचालन ही ठप है। इकौना क्षेत्र की ग्राम पंचायत लखाही में बनाई गई पानी की टंकी का हाल भी कुछ ऐसा ही है टंकी का संचालन ठप होने से लोगों के घरों में लगीं टोटियां सूखी पड़ी हैं।
इकौना तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत लखाही में वर्ष 2020-21 में दो करोंड़ से अधिक की लागत से पानी की टंकी का निर्माण करवाया गया था। निर्माण के बाद गांव में पाइप बिछाकर जगह-जगह टोंटियां भी लगाई गईं। ग्रामीण अपने घर में पाइप व टोंटी देखकर नल से जल मिलने को लेकर उत्साहित थे।
विभागीय जिम्मेदारों ने भी जल्द ही ग्रामीणों के घर में पानी उपलब्ध करवाने का दावा किया था, लेकिन जिम्मेदारों का दावा अभी तक पूरा नहीं हो सका है। विभागीय लापरवाही के चलते टंकी का संचालन ठप है और टोटियों के हलक अभी तक सूखे पड़े हैं।
गांव की लगभग 2000 की आबादी अभी भी टोंटी से पानी निकलने की राह देख रही है। लखाही के मजरों कल्याणपुर, दहावरा, पटना
पाइप फटने से ठप है संचालन
टंकी पर तैनात ऑपरेटर हरि शंकर शुक्ल ने बताया कि टंकी निर्माण के समय बिछाई गई पाइप लाइन कुछ दिनों में ही कई जगह फट गई थी, जिसकी मरम्मत नहीं करवाई गई, उसी के चलते आपूर्ति ठप है। गांव निवासी रमेश त्रिवेदी, उद्रेश कुमार शुक्ला, सुधीर तिवारी, ननकऊ विश्वकर्मा आदि ने बताया कि डीएम से टंकी का संचालन करवाने की मांग की गई है।
टीम भेजकर कराई जाएगी जांच
टीम भेजकर पानी टंकी के संचालन संबंधी जांच करवाई जाएगी। जांच में अगर लापरवाही मिचेगी ती है तो संबंधित पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-पीयूष कुमार, एसडीएम
इकौना तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत लखाही में ठप पड़ी टंकी और उगी घास।