बहराइच। एक आपराधिक मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट मंजूर कराने के लिए वादी की जगह पर दूसरे व्यक्ति को न्यायालय में पेश कर फर्जी बयान दर्ज कराने और जाली हस्ताक्षर वाले दस्तावेज दाखिल करने का मामला सामने आया है। मामले में न्यायालय के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
श्रावस्ती जिले के हरदत्त नगर गिरंट थाना के कटवा इमलिया करनपुर गांव निवासी फारूख एहसानुल हक खां ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने मतलूब खां के खिलाफ वर्ष 2025 में नानपारा कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मामले में विवेचक ने 31 जुलाई 2025 को अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में भेजी थी।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, 18 मार्च 2026 को मतलूब खां ने अपने लाभ के लिए मोहसिन उर्फ बाबू चक्की वाले को फारूख के स्थान पर न्यायालय में पेश किया। आरोप है कि मोहसिन को वास्तविक वादी बताकर उसकी ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र और शपथपत्र दाखिल कराया गया। इसके बाद उसे पीडब्ल्यू-1 फारूख एहसानुल हक खां के रूप में प्रस्तुत कर न्यायालय में बयान भी दर्ज कराया गया।
वादी का आरोप है कि न्यायालय में दाखिल शपथपत्र, अनापत्ति प्रार्थना पत्र और वकालतनामे पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए। दस्तावेज और बयान पर वास्तविक वादी के स्थान पर दूसरे व्यक्ति की फोटो लगाई गई। फारूख ने दावा किया कि वह 18 मार्च 2026 को न्यायालय में उपस्थित ही नहीं हुए थे और न ही उन्होंने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि फर्जी दस्तावेज और बयान के आधार पर न्यायालय को गुमराह करते हुए 18 मार्च 2026 को अंतिम रिपोर्ट मंजूर करा ली गई। फारूख ने इस मामले की शिकायत सात अप्रैल को पुलिस अधीक्षक से भी की थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय के आदेश पर कोतवाली नगर पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच में न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेज, फोटो, हस्ताक्षर और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।