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Bahraich News: हुजूरपुर थाने की बैरक में महिला आरक्षी ने फंदा लगाकर दी जान

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घटना की जानकारी के बाद मौके पर पहुंचे एसपी।
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हुजूरपुर (बहराइच)। हुजूरपुर थाने में तैनात महिला आरक्षी ज्योति पासवान (25) ने सोमवार शाम थाना परिसर स्थित अपनी बैरक में फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना पर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अभी आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।
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महाराजगंज जिले की निवासी महिला आरक्षी ज्योति पासवान 2019 बैच की सिपाही थी। वह करीब एक साल से थाने में तैनात थी। सोमवार को एक युवती का न्यायालय में धारा 164 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज कराने की ड्यूटी लगी थी। बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ज्योति शाम करीब चार बजे थाने लौटीं। आमद दर्ज कराने के बाद वह अपने कमरे में चली गईं।

शाम करीब 6:30 बजे बगल के कमरे में रहने वाली महिला आरक्षी ने उनके कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। काफी देर तक इंतजार करने के बाद अन्य पुलिसकर्मियों को सूचना दी गई। इसके बाद थानाध्यक्ष विपिन सिंह राठौर मौके पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों की मदद से दरवाजा तुड़वाया गया तो कमरे के अंदर ज्योति पासवान फंदे से लटकी मिलीं।
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थानाध्यक्ष ने निजी चिकित्सक डॉ. कुशल सिंह चौहान को बुलवाकर परीक्षण कराया तो पता चला कि महिला आरक्षी की मृत्यु लगभग दो घंटे पहले हो चुकी है।
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि कोई भी सुसाइड नोट नहीं मिला है। ज्योति का मोबाइल स्वीचऑफ था उसे कब्जे में लेकर सर्विलांस टीम की मदद से जांच कराई जाएगी। फिलहाल परिजनों को बुलाया गया है। घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फॉरेंसिक टीम ने भी कमरे से साक्ष्य एकत्रित किए हैं। अभी तक फंदा लगाने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मौके पर एसपी के साथ एएसपी नगर आयुष विक्रम सिंह, सीओ डीके श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।

हाल ही में तय हुआ था महिला आरक्षी का विवाह
महिला आरक्षी ज्योति पासवान का विवाह हाल ही में तय हुआ था। बताया जाता है कि सोमवार शाम उनके मंगेतर ने ज्योति के मोबाइल पर कई बार कॉल किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद मंगेतर ने ज्योति की सहेली महिला आरक्षी को फोन कर उनसे बात कराने को कहा। सहेली जब बैरक पहुंची तो कमरे का दरवाजा बंद मिला। इसके बाद पुलिसकर्मियों को सूचना दी गई और दरवाजा खुलवाने पर घटना का पता चला।
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