नानपारा (बहराइच)। 55 घंटे बाद सोमवार मध्यरात्रि नानपारा पुलिस ने माघी गांव निवासी किसान के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। धोखाधड़ी करने वाले सगे भाइयों के खिलाफ पुलिस ने रात में केस दर्ज किया तब जाकर आंदोलित ग्रामीण शांत हुए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विवेचना शुरू की जाएगी। आरोपी दोनों भाई किसान की मौत के पहले से ही फरार हैं।
माघी निवासी कन्हैयालाल ने धोखाधड़ी के सदमे में शनिवार शाम दम तोड़ दिया था। इसके बाद परिवारीजन व गांव के लोगों ने आंदोलन शुरू कर दिया। धोखाधड़ी करने वाले सगे भाइयों हरगोविंद और रामसूरत के खिलाफ केस दर्ज न करने तथा गिरफ्तारी न होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया था। 55 घंटे तक ग्रामीणों का प्रदर्शन चला।
सोमवार रात 12 बजे के आसपास कोतवाली नानपारा के प्रभारी निरीक्षक आरडी चौहान टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने परिवारीजनों और ग्रामीणों को समझा बुझाकर मृतक की पत्नी फूलनदेवी से तहरीर ली। रात में ही आरोपी भाइयों हरगोविंद व रामसूरत के खिलाफ मृतक की पत्नी की तहरीर पर धारा 306, 406 और 504 के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने किसान के शव का पंचनामा कर रात में ही लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि आरोपी भाइयों की तलाश में दबिश शुरू कर दी गई है।