मिहींपुरवा (बहराइच)। भूख से बेहाल लोग बुधवार दोपहर सड़क पर उतर आए। लंच पैकेट न मिलने से गुस्साए मिहींपुरवा क्षेत्र के 400 से अधिक बाढ़ पीड़ितों ने बहराइच-लखीमपुर मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी लोग जिला प्रशासन पर बाढ़ पीड़ितों के साथ उपेक्षा बरतने का आरोप लगा रहे थे। कुछ देर बाद पहुंची मिहींपुरवा पुलिस ने खाना मांग रहे पीड़ितों पर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। लोग जान बचाकर भागे लेकिन कई लोग चोटिल हो गए। इस बीच करीब एक घंटे तक लोग जाम में फंसे रहे। दो घंटे बाद हरकत में आए प्रशासन ने पीड़ितों को लंच पैकेट मुहैया कराया।
घाघरा, सरयू और नेपाली नदियों ने बाढ़ का कहर बरपाया है। मिहींपुरवा क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। न अनाज बचा है न गृहस्थी का सामान। ऐसे में प्रशासनिक सहायता का ही सभी को भरोसा है लेकिन प्रशासन द्वारा भेजे जाने वाले लंच पैकेट जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। भूख से बेहाल मिहींपुरवा के कुड़वा, गुड्डूपुरवा, परवानीगौढ़ी, नैनिहा आदि इलाकों के लगभग 400 बाढ़ पीड़ित दोपहर 12 बजे के आसपास कुड़वा वन बैरियर पर इकट्ठा हो गए। सभी ने लंच पैकेट की मांग करते हुए बहराइच-लखीमपुर मार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके चलते मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। अफरा तफरी की स्थिति बन गई।
जाम की सूचना पाकर मोतीपुर थानाध्यक्ष एके यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी बाढ़ पीड़ितों को सड़क से हटाने का प्रयास किया लेकिन सभी लंच पैकेट लेकर ही सड़क से हटने की बात पर अड़े थे। इस पर सिपाही बाढ़ पीड़ितों पर लाठियां बरसाने लगे, जिससे भगदड़ मच गया। पुलिस की लाठी लगने और भागते समय गिरने के कारण परवानीगौढ़ी निवासी राजेंद्र, मनोज, विश्वनाथ, बड़कऊ, पिंटू समेत करीब 10 लोग चोटिल हो गए। प्रदर्शनकारी जब सड़क किनारे इकट्ठा हुए तब पुलिस ने फिर सभी को समझाया बुझाया लेकिन पुलिस की कार्रवाई से प्रदर्शनकारी गुस्से में रहे। प्रदर्शन थमने के बाद सवा एक बजे के आसपास मार्ग पर यातायात बहाल हो सका। मोतीपुर थानाध्यक्ष लाठीचार्ज की बात से इन्कार कर रहे हैं, वहीं बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि पुलिस ने जान बूझकर उन पर लाठियां बरसाईं हैं। बाढ़ पीड़ितों ने इसकी शिकायत मौके पर पहुंचे राजस्वकर्मियों से भी की।
प्रदर्शनकारियों द्वारा लंच पैकेट के लिए मार्ग जाम करने की सूचना जब प्रशासनिक अधिकारियों को मिली तब सभी हरकत में आए। तीन बजे के आसपास क्षेत्रीय लेखपाल की अगुवाई में लंच पैकेट प्रदर्शनकारियों को वितरित कराए गए।