बहराइच। जहरीले गेहूं को पिसवाकर उसकी रोटी खाने से शुक्रवार शाम पिता-पुत्र और पोती की मौत हो गई। गेहूं खरीदने के बाद बिना उसे धुले ही पिसा लिया गया था। पिता-पुत्री ने सीएचसी में दम तोड़ दिया, जबकि दादा की जिला अस्पताल पहुंचते ही मौत हो गई। ये घटना विशेश्वरगंज के गंगवल बाजार की है।
यहां के निवासी जगतनरायन मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाता था। शुक्रवार को जगतनरायन ने बाजार से 10 किलो गेहूं खरीदा। मौसम गड़बड़ होने के चलते जगतनरायन की पत्नी क्षमा ने गेहूं को धुले बिना ही उसे पीसने के लिए भेज दिया। शाम को क्षमा ने इसी आटे की रोटी बनाई। 6:45 बजे के आसपास जगतनरायन (28), उनके पिता बदलूराम (50) और जगतनरायन की छह वर्षीय बेटी पल्लवी ने साथ में खाना खाया। भोजन करने के 15 मिनट बाद तीनों को मिचली आने लगी, फिर घबराहट और गैस बनने लगी। तीनों की हालत बिगड़ने पर क्षमा ने पड़ोस में गए देवर को बुलाया। मनोहर ने ग्रामीणों की मदद से बेहोश हो चुके तीनों लोगों को सीएचसी विशेश्वरगंज पहुंचाया। 7:30 बजे के आसपास सीएचसी में इलाज शुरू होते ही जगतनरायन और पल्लवी ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बदलूराम की हालत नाजुक देखकर तत्काल उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एंबुलेंस से रात आठ बजे बदलूराम को जिला अस्पताल लाया गया। यहां इलाज शुरू होते ही बदलूराम ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. एम पांडेय ने बताया कि बदलूराम के परीक्षण में प्रथम दृष्टया जहर की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।