बहराइच। दवा व्यवसायी रामरतन अग्रवाल की हत्या के लिए बदमाशों को सुपारी दी गई थी। सोमवार को इसका खुलासा पकड़े गए आरोपी ने किया। मामले में दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है लेकिन एक आरोपी अब भी गिरफ्त से दूर है। पकड़े गए बदमाशों में से मुख्य आरोपी को मीडिया के सामने पेश नहीं किया गया, जबकि दूसरे ने व्यापारी को गोली मारने की बात स्वीकारी। घटना के खुलासे को लेकर तैयार की गई पुलिस की स्क्रिप्ट में एसओ की कारगुजारियों को छिपाने की पुष्टि भी हो रही है।
दवा व्यवसायी रामरतन अग्रवाल उर्फ अज्जू की हत्या 21 जनवरी की रात छावनी चौराहे के पास हुई थी। बदमाश व्यवसायी को गोली मार कर अपनी बाइक छोड़ भाग निकले थे। हथगोला भी फेंका था। घटना से दवा व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश था। दो दिन तक दवा कारोबार पूरी तरह से ठप रहा। इसके बाद भी खुलासा नहीं होने पर व्यापारियों ने आठ फरवरी को जोरदार प्रदर्शन किया। दरगाह एसओ को हटाने की मांग भी की गई। लोगों का आक्रोश देखते हुए सोमवार को पुलिस ने आननफानन घटना का खुलासा किया। बाइक रखने वाले युवक मोहल्ला मंसूरगंज निवासी मन्ना घोसी और नसीम की गिरफ्तारी का दावा पुलिस ने किया है।
पुलिस लाइंस में अपर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार वैद्य ने पत्रकारों को बताया कि इन दोनों ने घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की है। लूटा गया बैग, पासपोर्ट व दवा की कुछ रसीदें बरामद हुई हैं। इनके साथ एक और युवक शामिल था। खास बात यह रही कि घटना के मुख्य आरोपी मन्ना को पुलिस सामने नहीं लाई। सिर्फ नसीम को मीडिया के सामने पेश किया गया। उसने इतना स्वीकार किया कि मन्ना ने उसे गोली मारने पर 25 हजार रुपये देने की बात कही थी लेकिन कारण क्या था, इस मामले में एएसपी भी जवाब देने से बचते रहे। उन्होंने कहा कि तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है। उसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।