बहराइच (ब्यूरो)। जिले के किसानों को शीघ्र ही मौसम की सटीक भविष्यवाणी मिल सकेगी। जिसके जरिए मौसम का पूर्वानुमान लगाकर कृषि वैज्ञानिक किसानों को बोआई करने की सलाह देंगे। पूना स्थित मौसम निदेशालय से तराई के मौसम की परिस्थितियों को नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन किया जाएगा। वहां से गाइड लाइन मिलने पर बहराइच समेत सात जिलों को मौसम की अपडेट दी जाएगी। इसकी कवायद तेज कर दी गई है।
2006 में नरेंद्र देव फसल अनुसंधान केंद्र परिसर में मौसम वेधशाला स्थापित की गई थी। जिसमें मिट्टी के तापमान के मापने के यंत्र, वातावरण का अधिकतम व न्यूनतम तापमान, सापेक्ष आर्द्रता मापी यंत्र, बादलों की स्थिति, हवा की गति व वर्षा मापी यंत्र लगाया गया था। यहां से पूर्वानुमान के आधार पर सात जिले, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा, बहराइच, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज व कुशीनगर को मौसम की जानकारी दी जाती थी। यहीं से किसानों को फसलों की बोआई व मौसम के हिसाब से लगने वाले कीट की जानकारी दी जाती है। पर मौसम तकनीकी सहायक डॉ. आरके श्रीवास्तव की दो माह पूर्व आकस्मिक मृत्यु होने के बाद यहां से जानकारी नहीं मिल पा रही थी। अब केंद्र प्रभारी डॉ. एमवी सिंह ने पुन: मौसम वेधशाला को संचालित करने की कवायद तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि पूना स्थित मौसम निदेशालय के वैज्ञानिकों से संपर्क साधा गया है। यहां के मौसम की परिस्थितियों को निदेशालय से ऑनलाइन किया जाएगा और मौसम की अपडेट ली जाएगी। वहां से मौसम का पूर्वानुमान और किसानों को बोआई व सिंचाई के संबंध में आवश्यक जानकारी दी जाएगी।