फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आपसी अनबन में दंपती ने लगाई फांसी

Sun, 08 Dec 2013 05:43 AM IST
Bahraich
विज्ञापन
विज्ञापन
खैरीघाट(बहराइच)। मटेराकला सेमरिया गांव निवासी एक युवा दंपती ने आपसी अनबन के कारण फांसी लगाकर जान दे दी। शुक्रवार सुबह गांव के बाहर विवाहिता का शव पेड़ से लटकता मिला। इसकी खबर पाते ही पति ने भी घटना से कुछ दूरी पर फांसी लगा ली। दंपती की मौत से पूरे गांव में मातम छाया है।
विज्ञापन

खैरीघाट थाना अंतर्गत मटेराकला सेमरिया गांव निवासी उमाशरण (28) का विवाह दस वर्ष पूर्व इसी थाना क्षेत्र के कोरियनपुरवा ललुही गांव निवासी मनोरानी (25) से हुआ था। दो साल से पति-पत्नी में घरेलू मामलों को लेकर अनबन रहती थी। उमाशरण की बहन शीला ने बताया कि गुरुवार सुबह भइया-भाभी के बीच विवाद खाना बनाने को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद उमाशंकर घर से चला गया था। शाम को भाभी मनोरानी भी बिना किसी को बताए मायके के लिए निकल गई। इस पर पिता महादेव पीछे-पीछे गए और भाभी को मायके पहुंचाकर लौट आए थे। मायके के लोगों ने बार-बार विवाद करने और मायके आने की बात पर नाराजगी जताई। इसी बात को लेकर मनोरानी देर रात मायके से निकल आई लेकिन ससुराल नहीं पहुंची। शीला ने बताया कि रात 10 बजे के आसपास उमाशरण घर पहुंचा तो उसे पत्नी के मायके जाने की सूचना मिली तो वह ससुराल चला गया। उसे जब पता चला कि मनोरानी लौट गई है तो वह पत्नी को खोजते हुए घर पहुंचा। घर में मनोरानी के न पहुंचने पर सभी ने उसकी खोजबीन शुरू की लेकिन देर रात तक उसका कुछ पता नहीं चला।
शुक्रवार सुबह शुक्लनबाग गांव के पास मनोरानी का शव पेड़ से लटकने की सूचना मिली। रोते बिलखते परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि मनोरानी की लाश उसकी साड़ी के फंदे से लटक रही थी। लोगों ने शव उतारा इतने में घटनास्थल से डेढ़ किलोमीटर दूर उमाशरण के भी फांसी लगाने की खबर मिली। कोहराम मच गया। थानाध्यक्ष रामनगीना सिंह ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। थानाध्यक्ष का कहना है कि परिवारीजनों से बात हुई है, पारिवारिक कलह का मामला लग रहा है। किसी भी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाएगी।
विज्ञापन

पति सेे विवाद के चलते नौ माह बाद लौटी थी ससुराल
उमाशरण की बहन शीला ने बताया कि भैया-भाभी के बीच साल भर पहले काफी विवाद हुआ था, जिसके बाद मनोरानी मायके चली गई थी। मायके और ससुराल के लोगाें के समझाने बुझाने पर नौ माह बाद वह ससुराल लौटी। लेकिन, पति-पत्नी में अनबन खत्म नहीं हो रही थी। बहू और बेटे की मौत से पिता महादेव बदहवास हैं।
अनाथ हो गए मासूम
मनोरानी और उमाशरण के विवाद ने उनके मासूम बेटों को अनाथ कर दिया। मनोरानी की गोद में तीन माह का कपिल था, जबकि बड़ा बेटा गौतम सात साल का है। मां-पिता की मौत के बाद गौतम का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं, कपिल को तो यह भी पता नहीं कि उसके सिर से ममता और सुरक्षा का साया उठ चुका है।
शराब की बोतल मिली
उमाशरण ने जहां फांसी लगाई है, उस जगह एक शराब की बोतल पड़ी मिली है। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उसने शराब पीने के बाद फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या की है। फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें