बहराइच। कतर्नियाघाट सेंक्चुरी को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने के साथ ही पर्यटकों के लिए विशेष टूर पैकेज बनाया जाएगा। इसकी रूपरेखा बुधवार को जिलाधिकारी ने पर्यटन अधिकारियों के साथ बैठक कर तय की। बहराइच डिपो से पर्यटकों के लिए विशेष डीलक्स बस के संचालन कोे भी हरी झंडी दी गई है। जंगल में पर्यटकों के खानपान और अध्ययन का इंतजाम करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
साल भर पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कतर्नियाघाट को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने के लिए हरी झंडी दिखाई थी। उसका असर अब दिखना शुरू हुआ है। बुधवार को आवास स्थित शिविर कार्यालय पर पर्यटन, परिवहन और वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए जिलाधिकारी किंजल सिंह ने कहा कि वन, पर्यटन और यूपी टूरिज्म के अधिकारी साथ मिलकर कतर्निया के लिए विशेष पैकेज टूर बनाएं, जिससे जंगल में जाने वाले पर्यटक दुर्लभ वन्यजीवों और प्रकृति की मनोरमता देख सकें। जिलाधिकारी ने वन्यजीव विहार के आसपास बसे गांवों में थारू जनजाति की हस्तकला को पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध बनाने के निर्देश दिएं। उन्होंने कहा कि जंगल के सभी रेंजों में पर्यटकों के लिए पुस्तकालय व अन्य सामग्रियों की खरीदारी की व्यवस्था की जाए। जिलाधिकारी ने वन्यजीवों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विशेष टूर पैकेज को अमलीजामा पहनाने को हरी झंडी दी है। उन्होंने कहा कि 17 नवंबर से इस सुविधा का शुभारंभ हर हाल में कर दिया जाए। प्रत्येक सप्ताह के शनिवार और रविवार को पर्यटकों के लिए जंगल में विशेष इंतजाम किए जाएं। जिलाधिकारी ने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम को डीलक्स बस की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पैकेज टूर में स्कूल, कॉलेज के छात्रों और बाहर से आने वाले अध्ययन दल को विशेष प्रोत्साहन प्रदान करने के निर्देश दिए।