कैसरगंज (बहराइच)। बाराबंकी में पकड़े गए फखरपुर निवासी ऑटोलिफ्टर गैंग के एक सदस्य से हुए खुलासे के तहत बाराबंकी पुलिस ने शनिवार को कैसरगंज व फखरपुर में छापा मारा। दोनों स्थानों से दो-दो बाइकें बरामद कर पुलिस उन्हें साथ ले गई।
कैसरगंज थानाध्यक्ष एसके त्रिपाठी ने बताया कि फखरपुर थाना क्षेत्र के कंदौली गांव निवासी मंगल प्रसाद बाराबंकी में अपने एक रिश्तेदार के साथ मिलकर चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त करता था। दो दिन पूर्व वहां गिरफ्तारी के बाद मंगल ने खुलासा किया था कि उसके गैंग के सदस्य बहराइच में भी सक्रिय हैं। वहां वाहनों को चुराने के बाद गैंग के सदस्य गाड़ियों को बाराबंकी लाते थे। यहां वह चुराए गए वाहनों के फर्जी कागजात तैयार कर उन्हें बेच देता था। मंगल ने यह भी खुलासा किया था कि चोरी की चार बाइकें कैसरगंज और फखरपुर थाना क्षेत्रों में दो स्थानों पर रखी हुई हैं। उन्हीं वाहनों की बरामदगी के लिए बाराबंकी की पुलिस शनिवार को कैसरगंज आई थी।
कैसरगंज एसओ एसके त्रिपाठी ने बताया कि कैसरगंज के अनंदीपारा और फखरपुर के कंदौली गांव में छापेमारी कर चार बाइकें बरामद की गई हैं। इनमें बाइक (यूपी 40 डी 8330), यूपी 32 (पीजे 1075) व दो बाइकें बिना नंबर की हैं। लिखापढ़ी के बाद बाराबंकी पुलिस बरामद बाइकों को साथ ले गई। एसओ ने कहा कि बाराबंकी पुलिस को मंगल से कुछ और सुराग भी हाथ लगे हैं।
मजदूरी के बहाने उड़ाते थे कार
लखनऊ/बहराइच। चिनहट पुलिस ने शनिवार तड़के दो बदमाशों को गिरफ्तार कर ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो मजदूरी के बहाने कार चुराता था। बदमाशों के कब्जे से चोरी की तीन कारें बरामद हुई हैं। दोनों बदमाशों ने वाहन चोरी की कई वारदातें कुबूलने के साथ गिरोह के छह अन्य बदमाशों के नाम बताए हैं। सीओ गोमतीनगर विद्यासागर मिश्रा ने बताया कि इंस्पेक्टर चिनहट विजयमल सिंह यादव की टीम ने सतरिख रोड पर घेराबंदी कर बहराइच के फखरपुर थाने के गांव कंदौली निवासी सुनील कुमार गोड़िया व रामसकल गोड़िया को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर पास की झुग्गी-झोपड़ी में छापामारी कर चोरी की तीन कारें बरामद की गईं। इनमें से दो चिनहट व एक गोसाईगंज क्षेत्र से चुराई गई थीं। बदमाशों ने कई वारदातें कुबूलने के साथ खुलासा किया कि चिनहट के गांव छोटा भरवारा से चुराई एक कार के साथ उनके साथी ओमप्रकाश गोड़िया को कुछ दिन पहले फखरपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हालांकि, ओमप्रकाश ने पुलिस को गलत नाम व पता बताया था। खुलासा हुआ कि गिरोह में आठ बदमाश हैं, जो दो-दो की टोली में मजदूरी के बहाने निकलते थे। सभी को अलग-अलग कंपनी के वाहन चुराने में महारथ है।