बहराइच। जो कुछ मेहनत से मिलता है, वह सब उन्हें मिला लेकिन जो किस्मत से मिलता है, वह अब तक नसीब नहीं हुआ। यह कहना है पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान का। लंबे अरसे बाद बहराइच आए आरिफ खान पत्रकारों से बात कर रहे थे। कुरेदने पर बोले, तकदीर से तो राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री बनते हैं। साफ है कि सियासत में जीवन गुजारने के बाद आरिफ खान को मनचाहा मुकाम न मिलने का शिकवा है। शुक्रवार को बहराइच पहुंचे केेंद्रीय मंत्री ने शुभचिंतकों से मुलाकात की। उनके इस अचानक दौरे ने राजनीतिक गलियारे में कयासों का दौर शुरू कर दिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान गुरुवार देर रात जनपद पहुंचे तो उनके समर्थकों का काफिला उनके साथ उमड़ पड़ा। शहर के सूफीपुरा मोहल्ला स्थित पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राज सिंह के आवास पर रात करीब 10:30 पंहुचकर अपने समर्थकों के साथ जिले की राजनीतिक स्थिति पर गुफ्तगू की। उसके बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उनका जनपद आने का कारण राजनीतिक नहीं है। चुनाव लड़ने के मुद्दे पर उन्होंने भविष्य की बात कह कर टाल दिया लेकिन बातचीत से साफ झलक रहा था कि वह जिले की राजनीति में दोबारा सक्रिय भूमिका निभाने की चाहत रखते हैं। मौजूदा सियासत पर तंज कसते हुए कहा कि आज विकास की नहीं जाति की राजनीति हो रही है। बातों-बातों में दिल में छिपा दर्द सामने आ गया, बोले, अपने राजनीतिक जीवन में बहुत मेहनत की, जिसका फल उन्हें मिला, लेकिन प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति पद किस्मत से मिलते हैं।
मालूम हो कि पूर्व केंद्रीय मंत्री वर्ष 2004 में भाजपा के टिकट से कैसरगंज लोकसभा का चुनाव लड़े थे। उन्हें मामूली अंतर से उस समय सपा के टिकट से चुनाव लड़े वर्तमान केंद्रीय मंत्री बेनीप्रसाद वर्मा ने हराया था। उसके बाद से आरिफ का जनपद आगमन कम हो गया था। जब आरिफ मोहम्मद खान का काफिला बहराइच में पहुंचा तो फिर राजनीतिक गलियारे में कयास तेज हो गए हैं। राजनीतिक पंडितों की मानें तो पूर्व मंत्री दोबारा बहराइच की नब्ज टटोलने के लिहाज से पहुंचे हैं।