खैरीघाट (बहराइच)। स्कूल से जल्दी घर पहुंचने की चाहत में शॉर्टकट रास्ता अपनाना चार बच्चों को भारी पड़ गया। बुधवार को भंगहर नाला पार कर रहे भाई-बहन समेत दो अन्य छात्रों की पैर फिसलने से नाले में डूबकर मौत हो गई। एक अन्य छात्रा ने गौढ़िया गांव में सूचना दी। गोताखोरों की मदद से शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
खैरीघाट थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बौंडी अंतर्गत गौढ़िया गांव के बच्चे ललईपुरवा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। बुधवार दोपहर स्कूल में छुट्टी होने पर बच्चे जब घर लौट रहे थे तो कक्षा तीन के छात्र कन्हैयालाल (10) पुत्र बदली प्रसाद, कक्षा दो के विक्रांता (12) पुत्र अरुण, तीन की सुलोचना (14) और कक्षा दो में पढ़ने वाला उसका भाई रामबाबू (10) पुत्र कैलाश, घुमावदार रास्ते से न होकर भंगहर नाला पार करके जल्दी घर पहुंचने की जुगत में लग गए। इन चारों के साथ गांव निवासी लक्ष्मी देवी भी थी। भंगहर नाला सरयू नदी से जुड़ा हुआ है। नाले में पानी अधिक देखकर लक्ष्मी ने नाले में उतरने से इंकार कर दिया लेकिन सुलोचना व अन्य तीन छात्रों ने एक दूसरे का हाथ पकड़कर नाला पार करने लगे। जब सभी नाले के बीच पहुंचे तभी कन्हैयालाल का पैर फिसल गया और हाथ थामे पीछे चल रहे सभी बच्चे पानी में बह गए। हमजोलियों की चीख-पुकार सुनकर नाले के तट पर खड़ी लक्ष्मी ने शोर मचाया लेकिन आसपास कोई मौजूद नहीं था। इस पर वह दौड़कर दूसरे रास्ते से गांव पहुंची और लोगों को सूचना दी। रोते-बिलखते परिवार के लोग और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे लेकिन बच्चों का पता नहीं चला। गांव के गोताखोरों ने नाले में खोजबीन शुरू की तो थोड़ी-थोड़ी दूरी पर चारों बच्चों के शव बरामद हुए। घटना की सूचना पाकर उपनिरीक्षक भरत यादव दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और लाशों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।