बहराइच। जिले के आला अफसरों को हटवाने की साजिश के तहत मुख्यमंत्री से फर्जी शिकायत करने का मामला सामने आया है। शिकायत करने के लिए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष के पैड का न केवल इस्तेमाल किया गया बल्कि जिलाध्यक्ष के फर्जी दस्तखत भी बनाए गए। सपा जिलाध्यक्ष द्वारा लिखाई गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू कर दी है।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव के पैड पर 5 दिन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को एक पत्र भेजा गया है। इस पत्र में जिलाधिकारी किंजल सिंह, पुलिस अधीक्षक जीपी कनौजिया और मुख्य विकास अधिकारी सुखलाल भारती को तत्काल प्रभाव से जनपद से हटाए जाने की सिफारिश की गई थी। पत्र पर सपा जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव के हस्ताक्षर भी हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में 23 नवंबर को अधिकारियों के स्थानांतरण संबंधी पत्र प्राप्त होने के बाद सपा जिलाध्यक्ष के मोबाइल नंबर 9415491030 पर पत्र प्राप्ति का संदेश भेजा गया। एसएमएस में यह भी उल्लेख था कि पत्र को कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव गृह, गोपन तथा प्रमुख सचिव नियुक्ति को भेज दिया गया है। यह भी लिखा था कि विस्तृत जानकारी प्रमुख सचिव गृह गोपन की वेबसाइट से ली जा सकती है।
सपा जिलाध्यक्ष ने जब वेबसाइट खोला तो पता चला कि उनके नाम से फर्जी पैड बनाकर किसी ने जिले के आला अधिकारियों को हटाने का षड्यंत्र रचा है। जिलाध्यक्ष ने तत्काल इस मामले में मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव गृह को फैक्स भेजा है। फर्जी तरीके से पत्र तैयार कर साजिश रचने का उल्लेख करते हुए सपा जिलाध्यक्ष ने कोतवाली नगर में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक बड़ेलाल को सौंपी गयी है। सपा जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव का कहना है कि उन्होंने किसी भी अधिकारी के मामले में स्थानांतरण व तैनाती संबंधी कोई पत्र नहीं लिखा गया है। उन्हें बदनाम करने के लिए अराजक तत्व षड्यंत्र रच रहे हैं। एसपी जीपी कनौजिया ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर जयकरन सिंह को शीघ्र ही फर्जीवाड़े का खुलासा करने का आदेश दिया गया है।